
भारत का दबदबा बढ़ता देख चीन ने उठाया ये कदम, बनाएगा कॉमर्शियल स्पेसपोर्ट
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भारत ने अब तक 34 देशों के 342 सैटेलाइट्स अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक स्थापित किए हैं. इससे ISRO को फायदा भी होता है. दुनिया में देश का नाम ऊंचा होता है. इसे देखकर चीन को जलन हो रही है. अब वह भी दुनिया भर के देशों और प्राइवेट स्पेस कंपनियों को अपनी तरफ बुलाने के लिए कॉमर्शियल स्पेसपोर्ट (Commercial Spaceport) बनाने जा रहा है. ताकि उसके देश में स्पेस इंडस्ट्री को बढ़ावा मिल सके.
भारत ने अब तक 34 देशों के 342 सैटेलाइट्स अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक स्थापित किए हैं. इससे ISRO को फायदा भी होता है. दुनिया में देश का नाम ऊंचा होता है. इसे देखकर चीन को जलन हो रही है. अब वह भी दुनिया भर के देशों और प्राइवेट स्पेस कंपनियों को अपनी तरफ बुलाने के लिए कॉमर्शियल स्पेसपोर्ट (Commercial Spaceport) बनाने जा रहा है. ताकि उसके देश में स्पेस इंडस्ट्री को बढ़ावा मिल सके. (फोटोः CNSA) चीन ने अपने 14वीं पंचवर्षीय योजना (साल 2021 से 2025) में इस प्रोजेक्ट को शामिल किया है. इसके जरिए वह देश में निजी स्पेस गितविधियों को बढ़ावा देना चाहता है. फिलहाल चीन के पास चार लॉन्च सेंटर्स हैं. ये सेंटर्स चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी कॉर्प (CASC) के लॉन्ग मार्च रॉकेट्स को लॉन्च करती हैं. यह चीन का सबसे बड़ा स्पेस कॉन्ट्रैक्टर है. अगर स्पेस गतिविधियां बढ़ेंगी तो लॉन्च सेंटर्स की कमी होगी, इसलिए कॉमर्शियल स्पेसपोर्ट बनाने की योजना है. (फोटोः CNSA) नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (NPC) के उप-प्रमुख डोउ जियाओयू ने कहा इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि फिलहाल चीन सिर्फ देश के लिए स्पेस लॉन्च करता है. निजी कंपनियों की भागीदारी कम है. लेकिन अब स्पेस इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए हम कॉमर्शियल स्पेस पोर्ट का निर्माण करेंगे. हम घरेलू स्पेस लॉन्च को बढ़ावा देना चाहते हैं. यहां कई निजी कंपनियां इसमें रुचि ले रही हैं. (फोटोः CNSA)More Related News













