
ब्रिटेन में 19वीं सदी में ये नौकरियां करते थे लोग, गटर से सामान ढूंढने वाला एक साल में कमा लेता था 20 लाख
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आज हम आपको ब्रिटेन में विक्टोरियन एरा 1837-1901 (Victorian Era 1837-1901) की कुछ अजीबोगरीब नौकरियों के बारे में बताएंगे. जिनके बारे में शायद ही आपने कभी सुना होगा. ये नौकरियां सुनने में भले ही अजीब लगें. लेकिन उस समय लोग पैसा कमाने के लिए असल में यह नौकरियां करते थे.
विक्टोरियन युग में लोग पैसा कमाने के लिए एक ऐसी नौकरी करते थे, जिसमें उन्हें गटर में जाकर लोगों के उन बेशकीमती सामानों को ढूंढना होता था जो गलती से फ्लश हो गए हों. जैसे सोने-हीरे की अंगूठी, चेन या सिक्के. इस नौकरी को करने वालों को टोशर्स (Toshers) कहते थे.
Smithsonian Magazine के मुताबिक, इस नौकरी में कई बार टोशर्स गंभीर बिमारियों का भी शिकार हो जाते थे. क्योंकि वे कभी-कभी सामान ढूंढने के लिए घंटों तक गटर के अंदर रहते थे. और गटर में रहने के दौरान कई बार वे जहरीली गैस के कारण उन्हें गंभीर बिमारियां या इंफेक्शन हो जाता था.
लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि उस दौर में एक टोशर साल का करीब 22 हजार पाउंड (20 लाख 71 हजार रुपये) कमा लिया करता था. जो उस समय के हिसाब से एक बड़ी रकम हुआ करती थी.
उस दौर में जब अमीर लोग सड़क पार करते थे तब एक तबका जिन्हें क्रॉसिंग स्वीपर्स (Crossing Sweepers) कहा जाता था, वे उनके रास्ता क्रॉस करने से पहले उसे साफ करते थे. ऐसा इसलिए ताकि अमीर लोगों के जूते और कपड़े खराब न हो जाएं. इसकी एवज में अमीर लोग क्रॉसिंग स्वीपर्स को पैसा दिया करते थे. जिसके दम पर ये लोग अपना गुजारा किया करते थे.
ये क्रॉसिंग स्वीपर्स ज्यादातर कम उम्र के बच्चे या बुजुर्ग हुआ करते थे. इतना ही नहीं, आपको ये जानकर हैरानी होगी कि एक समय ऐसा भी आया था जब इस काम के लिए कंपीटिशन काफी बढ़ गया था. और क्रॉसिंग स्वीपर्स ने अपना-अपना काम करने का एक एरिया बना लिया. जिसके बाद अगर कोई भी क्रॉसिंग स्वीपर किसी दूसरे के एरिया में जाकर काम करने लगता तो उनके बीच हाथापाई तक हो जाती. और उस दौरान रास्ते में क्रॉसिंग स्वीपर्स के बीच लड़ाई होना काफी आम बात हो गई थी.
विक्टोरियन एरा के दौरान मेडिकल रिसर्च के लिए डेड बॉडीज की डिमांड काफी ज्यादा हुआ करती थी. ऐसे में ग्रेव रॉबर्स (Grave Robbers) या रीसरेक्शनिस्ट्स (Resurrectionists) का काम होता था कि वे लोगों की कब्रों को खोदकर, फिर वहां से शव चुराकर रिसर्च करने वालों को बेचना. लेकिन कई बार जब डेड बॉडीज की डिमांड ज्यादा बढ़ जाती तो उसे पूरा करने के लिए ग्रेव रॉबर्स खुद ही लोगों की हत्या कर देते. फिर उनके शवों को रिसर्चर्स को बेच देते.

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