
बेटी को बचाने के लिए पिता ने लगाई नहर में छलांग, लड़की बची, पिता की मौत
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एक पिता जो अपनी उम्र के 8 दशक देख चुके थे, वह अपनी दिव्यांग बेटी को बचाने के लिए नहर में कूद पड़े. इस हादसे में उनकी मौत हो गई. हालांकि, बेटी की जान जरूर बच गई. जांच कमेटी ने इस बात का खुलासा हुआ है.
86 साल के पिता ने 27 साल की दिव्यांग बेटी की जान बचाने के लिए नहर में छलांग लगा दी थी. हादसे में वह खुद डूब गए. उनकी बेटी को रेस्क्यू कर लिया गया. फिजिकली चैलेंज्ड लड़की ने मोबिलिटी स्कूटर से नियंत्रण खो दिया था, जिसके बाद वह नहर में जा गिरी थी.
86 साल के 'लॉरेंस कैसे' ब्रिटेन के रहने वाले थे. वे 9 बच्चों के पिता थे. वह अपनी 27 साल की बेटी जेसिका को बचाने के लिए नहर में कूदे थे. जेसिका Cerebral Palsy से ग्रस्त हैं. पिछले साल 1 सितंबर को जब यह हादसा हुआ तो जेसिका को बचा लिया गया. लेकिन लॉरेंस नहर में डूब गए. हाल में इस मामले की सुनवाई हुई है. इसी दौरान हादसे की जानकारी सामने आई.
पुलिस की जांच में यह सामने आया कि जेसिका का स्कूटर पानी में चला गया था, जिसके बाद बाद लॉरेंस ने छलांग लगाई. वहीं सीनियर कॉर्नर फॉर कॉनवेल एंड्यू कॉक्स ने इसे 'एक्सीडेंटल डेथ' करार दिया. इस मामले में कई लोगों से भी पूछताछ हुई.
वहीं इस घटना को याद करते हुए लॉरेंस के परिवार ने, शख्स के इस निस्वार्थ कार्य को 'फाइनल एक्ट ऑफ लव' कहा है. परिवार ने जो बयान जारी किया है, उसमें कहा है- वह अपनी दिव्यांग बेटी की देखभाल के लिए समर्पित थे और एक पिता के रूप में उसे बचाने के लिए अपने जीवन का बलिदान देना 'फाइनल एक्ट ऑफ लव' था.'
लॉरेंस के परिवार ने उन लोगों को भी आभार व्यक्त किया जिन लोगों ने जेसिका की जान बचाई. जब पिता और बेटी नहर में डूब रहे थे, वहां जॉगिंग करने वाले लोगों ने पास में ही मौजूद दो मछुआरों को इस बारे में बताया, जो लॉरेंस को खींचकर बाहर लाए.
वहीं पैडल बोर्ड इंस्ट्रक्टर ने जब शोरगुल की आवाज सुनी तो वह जेसिका को बचाने के लिए नहर में कूद गए. इसके बाद मौके पर एक एयर एंबुलेंस भी आई, लेकिन लॉरेंस की जान बचाई नहीं जा सकी.

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