
बिग रोल के लिए तैयार अशोक गहलोत, बोले- पद अहम नहीं, लेकिन जो जिम्मेदारी मिलेगी वो निभाऊंगा
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कांग्रेस का नया अध्यक्ष कौन बनेगा? जैसे-जैसे अध्यक्ष चुनाव के दिन नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक गलियारों में हल-चल तेज हो रही है. इस बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने दिल्ली पहुंचे हैं. कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर उन्हें गांधी परिवार की पहली पसंद माना जा रहा है.
कांग्रेस के नए अध्यक्ष के चुनाव की सरगर्मियों के बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने दिल्ली पहुंचे हैं. राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बनने से इनकार कर चुके हैं, वहीं गहलोत को गांधी परिवार की पहली पसंद माना जा रहा है. इस बीच पार्टी अध्यक्ष बनने को लेकर कई और लोगों के चुनाव लड़ने की बात सामने आई है, जिसमें शशि थरूर का नाम सबसे ऊपर है. ऐसे में गहलोत का दिल्ली आना कई बातों को हवा देने वाला है. वहीं इस मौके पर अशोक गहलोत ने एक के बाद एक कई ट्वीट करके बहुत सी बातें कांग्रेस के अध्यक्ष पद को लेकर कही हैं.
पद अहम नहीं, कांग्रेस की मजबूती जरूरी
अशोक गहलोत ने पहले 'एक व्यक्ति, एक पद' के नियम को लेकर कहा था कि जब पार्टी हाईकमान किसी को नॉमिनेट करती है, तब दो पद की बात आती है. यह चुनाव है. यह ओपन चुनाव है. इसमें कोई भी खड़ा हो सकता है. इसमें कोई भी विधायक, सांसद, मंत्री चुनाव लड़ सकता है. अगर कोई राज्य का मंत्री कहता है कि वह चुनाव लड़ना चाहता है, तो वह लड़ सकता है. वह मंत्री भी रह सकता है. इसे उनके कांग्रेस अध्यक्ष के साथ-साथ राजस्थान का मुख्यमंत्री बने रहने से जोड़कर देखा जा रहा था.
हालांकि अपने एक ट्वीट में अशोक गहलोत ने कहा, 'आज मुझे पार्टी ने सब कुछ दिया है, हाईकमान ने सब कुछ दिया है, पिछले 40 साल, 50 साल से मैं पदों पर ही हूं, मेरे लिए अब कोई पद इम्पोर्टेंट नहीं है, मेरे लिए है कि किस प्रकार से मैं जो भी जिम्मेदारी मुझे मिलेगी या जो जिम्मेदारी मुझे लेनी चाहिए, वो मैं निभाऊंगा.
राहुल गांधी की यात्रा से बीजेपी में बेचैनी
इसी के साथ अशोक गहलोत ने कहा कि जिन वर्तमान हालात में हम लोग चल रहे हैं, उसमें एक तरफ राहुल गांधी यात्रा कर रहे हैं, उस यात्रा से ही भारतीय जनता पार्टी में बेचैनी पैदा हो गई है, जो मुद्दे उन्होंने उठाए हैं महंगाई और बेरोजगारी के अलावा भी, देश के अंदर जो हालात बने हुए हैं, उसको लेकर पूरा मुल्क चिंतित है. अब कांग्रेस मजबूत कैसे हो, ये देशवासियों को चिंता होने लग गई है कि कांग्रेस पार्टी प्रतिपक्ष के रूप में मजबूत होनी चाहिए, उस माहौल में हम लोग चल रहे हैं, तो हम जो फैसले करेंगे वो फैसले करेंगे कि हमारे हर फैसले से कांग्रेस मजबूत हो, ये मेरा ध्येय है.

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