
बंगाल में खत्म नहीं हुआ ‘खेला‘, BJP में हलचल, TMC में वापसी को तैयार नेता!
AajTak
पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावों के बाद भी हलचल जारी है. चुनाव से पहले जो नेता टीएमसी छोड़ भाजपा में शामिल हुए थे, अब वो घर वापसी के लिए बेताब दिख रहे हैं. ऐसे नेताओं की लंबी कतार है, जो वापस टीएमसी में जाना चाहते हैं.
पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली. बंगाल में चले महामुकाबले में ‘खेला होबे’ के नारे ने बाजी मार ली. विधानसभा चुनावों से पहले जब तृणमूल कांग्रेस के 30 से ज्यादा नेताओं ने बीजेपी ज्वाइन कर ली, तब बीजेपी का पलड़ा भारी दिखने लगा था. लेकिन अब खेल पूरी तरह से पलट गया है और अब कई नेता घर वापसी की तैयारी में हैं. सूत्रों का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय, जो एक वक्त पर ममता बनर्जी के करीबियों में गिने जाते थे फिर से टीएमसी में लौट सकते हैं. इन अटकलों को तब और भी बल मिला जब अभिषेक बनर्जी उस अस्पताल पहुंचे, जहां पर मुकुल रॉय की पत्नी का इलाज चल रहा है. सिर्फ मुकुल रॉय ही नहीं, बल्कि कई अन्य नेताओं ने भी टीएमसी में घर वापसी के संकेत दिए हैं. इन सभी की लिस्ट यहां देख सकते हैं...वो नेता जिनको लेकर कयास जारी हैं, हालांकि उन्होंने इच्छा नहीं जताई है... उत्तरपाड़ा से पूर्व टीएमसी विधायक प्रबीर घोषाल ने बीजेपी में अपनी नाराजगी व्यक्त की है. मीडिया से बात करते हुए प्रबीर घोषाल ने कहा कि जब उनकी मां का देहांत हुआ तब टीएमसी के सांसद, विधायकों ने उनसे बात की. ममता बनर्जी ने भी अपनी ओर से संदेश भेजा, लेकिन बीजेपी में सिर्फ लोकल नेताओं ने शोक जताया. इससे मुझे काफी दुख पहुंचा. बता दें कि प्रबीर घोषाल ने चुनाव से पहले बीजेपी ज्वाइन की थी, लेकिन उत्तरपाड़ा से चुनाव हार गए थे. एक अटकल राजीव बनर्जी को लेकर भी चल रही है कि वो वापस टीएमसी में जा सकते हैं. राजीव बनर्जी पहले भी ममता सरकार में मंत्री रहे हैं, चुनाव से पहले बीजेपी में आ गए थे. हाल ही में दिए उनके बयान चर्चा का विषय बने हुए हैं, उन्होंने कई मौकों पर बीजेपी की नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं. बीजेपी के कुछ नेताओं ने उनपर पलटवार भी किया है.
युद्ध को लेकर आखिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते क्या हैं, उनकी रणनीति क्या है? दुनिया के मन में ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं. एक ओर ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन और अच्छी बातचीत होने और होर्मुज पर गिफ्ट मिलने की बात की है. पाकिस्तान के जरिये ईरान को 15 सूत्री प्रपोजल भेजे जाने का भी दावा है. तो दूसरी ओर पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बढ़ रही है. अमेरिका के 1000 अतिरिक्त हवाई सैनिक वहां भेजे जाने की रिपोर्ट्स हैं. पिछले हफ्ते 3 युद्धपोतों के साथ अतिरिक्त नौसैनिकों के रवाना होने की खबर आई थी. अमेरिकी कैंप से आ रहे विरोधाभाषी दावों के बीच ईरान के तेवर कड़े हैं. ईरान बातचीत से इनकार कर रहा है.

Indore Viral Video Truth: इंदौर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाहों के बीच 149 रुपये लीटर पेट्रोल बिकने के एक वीडियो ने आग में घी डालने का काम किया. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने न केवल जनता को डराया, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए. हालांकि, जब जांच हुई तो कहानी के पीछे का तकनीकी सच कुछ और ही निकला.

आज का दंगल ईरान युद्ध को लेकर भारत में चल रही तैयारी पर है. ईरान जंग के हालात को देखते हुए सरकार ने दिल्ली में बड़ी बैठक बुलाई है. पार्लियामेंट हाउस में ये बैठक थोड़ी देर में शुरू होने वाली है जिसमें सभी दलों के 2-2 प्रतिनिधियों को बुलाया गया है. ये बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हो रही है जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू और ऊर्वरक मंत्री जेपी नड्डा समेत विदेश सचिव भी शामिल रहेंगे.

ईरान ने बहुत बड़ा दावा किया है ईरान का कहना है कि उसने अमेरिकी नौसेना ने यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत पर हमला किया है ईरान ने अमेरिका के इस एयर क्राफ्ट कैरियर पर क्रूज मिसाइल हमले का दावा किया है. अमेरिका की तरफ से इस हमले पर अभी तक कुछ नहीं कहा गया है. USS अब्राहम लिंकन परमाणु इंजन से चलने वाले निमित्ज श्रेणी का विमानवाहक पोत है. विमानवाहक पोत होने का मतलब एक ऐसे जंगी जहाज होने से है जिसपर फाइटर जेट उतर सकते हैं, यहां डेरा डाल सकते हैं और यहां से उड़ान भर सकते हैं.









