
विजय शाह पर आर-पार... सुप्रीम कोर्ट ने MP सरकार को दिया 14 दिन का समय, कांग्रेस बोली- मंत्री को तत्काल करें बर्खास्त
AajTak
Operation Sindoor Controversy Vijay Shah: मध्य प्रदेश कांग्रेस ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर अभद्र टिप्पणी मामले में मंत्री विजय शाह की बर्खास्तगी की मांग की है. सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति देने के लिए 2 हफ्ते का समय दिया है.
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि बीजेपी सरकार एक महिला सैन्य अधिकारी का अपमान करने वाले मंत्री विजय शाह को बचाने की कोशिश कर रही है. सुप्रीम कोर्ट के ताजा रुख ने अब राज्य सरकार को बैकफुट पर धकेल दिया है.
पटवारी ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव को तुरंत शाह से इस्तीफा देने के लिए कहना चाहिए, उनका इस्तीफा स्वीकार करना चाहिए और मंत्री पर मुकदमा चलाने की अनुमति देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि शाह पर मुकदमा चलाने की अनुमति देने में राज्य सरकार की विफलता अदालत की अवमानना मानी जाएगी.
इससे पहले दिन में सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना अधिकारी कर्नल कुरैशी को निशाना बनाकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए शाह पर मुकदमा चलाने की मंजूरी देने पर दो सप्ताह के भीतर फैसला करने का निर्देश दिया.
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस दीपांकर दत्ता और जॉयमाल्य बागची की बेंच ने कहा कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जांच पूरी कर ली है और अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है. हालांकि, आगे की कार्यवाही रोक दी गई है, क्योंकि रिपोर्ट को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 के तहत राज्य सरकार से अनिवार्य मंजूरी का इंतजार है, जो सांप्रदायिक नफरत और दुर्भावना को बढ़ावा देने से संबंधित है.
मंत्री शाह को कर्नल कुरैशी को निशाना बनाने वाली 'अपमानजनक' और 'आपत्तिजनक' टिप्पणियों के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त SIT जांच का सामना करना पड़ा.
कांग्रेस नेता पटवारी ने कहा कि जहां सत्तारूढ़ बीजेपी के नेता अक्सर दूसरों को न्याय, शिष्टाचार और नैतिकता के बारे में लेक्चर देते हैं, वहीं वे अपने ही बदजुबान मंत्रियों को बचाने के लिए हमेशा सभी हदें पार कर देते हैं.

स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ आए अविश्वास प्रस्ताव पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि स्पीकर सभी के होते हैं. स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव अफसोसजनक है. स्पीकर जब चुने गए थे, तब पक्ष और प्रतिपक्ष, दोनों नेता उनको चेयर तक लेकर गए थे. स्पीकर सभी सदस्यों के हितों के संरक्षक होते हैं, यह संसदीय राजनीति के लिए अफसोसजनक पल है. अमित शाह ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी की उपस्थिति 17वीं लोकसभा में 51 प्रतिशत रही. 16वीं लोकसभा में उनकी उपस्थिति 52 प्रतिशत रही, जबकि राष्ट्रीय औसत 80 प्रतिशत रहा.

अमित शाह ने स्पष्ट किया कि संसद में कौन कितना बोलेगा और क्या बोलेगा, इसका फैसला सत्ताधारी पार्टी नहीं बल्कि स्पीकर करते हैं. उन्होंने बताया कि उन्होंने कभी विपक्ष की आवाज दबाई नहीं है, जबकि वर्तमान में विपक्षी दलों ने उनकी आवाज दबाने की कोशिश की है. उन्होंने 1975 की आपातकाल की घटना का संदर्भ देते हुए कहा कि उस वक्त विपक्ष की आवाज दबाने का काम हुआ था.

बड़े होटलों के अलावा छोटे दुकानदार भी एलपीजी की कमी से गंभीर रूप से प्रभावित हैं. चंडीगढ़ में साइकिल पर छोले-कुलचे बेचने वाले विक्रेता ने बताया कि गैस की आपूर्ति न होने के कारण उन्हें रोज़मर्रा की कमाई में दिक्कत हो रही है. उनका स्टॉक केवल आज तक चलने वाला बचा है और अगर समस्या इसी तरह बनी रही तो उनका व्यापार या तो ठप हो सकता है या फिर उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.

स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में जवाब दिया. अमित शाह ने कहा कि स्पीकर सभी के होते हैं. स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव अफसोसजनक है. स्पीकर जब चुने गए थे, तब पक्ष और प्रतिपक्ष, दोनों नेता उनको चेयर तक लेकर गए थे. स्पीकर सभी सदस्यों के हितों के संरक्षक होते हैं, यह संसदीय राजनीति के लिए अफसोसजनक पल है.

गुरुग्राम में महज 3000 रुपये के विवाद ने एक 17 साल के युवक की जान ले ली. सेक्टर-14 इलाके में हुए इस मामले में आरोपी ने चाकू से हमला कर युवक की हत्या कर दी. मृतक अपने परिवार का सहारा बनने के लिए कार शोरूम में काम करता था. पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है.

ईरान युद्ध के कारण वैश्विक परिस्थितियों में उत्पन्न बदलावों का असर अब चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों की रसोई पर साफ दिखाई दे रहा है. चंडीगढ़ और ज़ीरकपुर की गैस एजेंसियों पर सुबह से ही ग्राहकों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, जो इस संकट की गवाही देती हैं. इस स्थिति ने स्थानीय लोगों की दैनिक जरूरतों को प्रभावित किया है और गैस की उपलब्धता को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं. देखें रिपोर्ट.







