
फाइनेंस से लेकर चार्जिंग प्वाइंट तक...इलेक्ट्रिक टू व्हीलर की राह में अभी भी हैं ये 5 बड़ी अड़चनें!
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ई-वाहनों को लेकर लोगों का रूझान बढ़ रहा है, लेकिन अभी दोपहिया वाहन श्रेणी में इसे अपनाने की राह में ये 5 बड़ी अड़चनें हैं. जानें कहां है इलेक्ट्रिक 2-व्हीलर्स की राह में रोड़े.
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स में लागत का एक बड़ा हिस्सा उसमें लगने वाली बैटरी होती है. अभी बाजार में मौजूद अधिकतर इलेक्ट्रिक 2-व्हीलर्स की बैटरी 2 साल में खराब हो जाती है या सही चार्जिंग और माइलेज नहीं देती. ऐसे में बैटरी बदलने से लोगों के लिए इसकी लागत बढ़ती है. (Representative Photo) इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की क्वालिटी को लेकर ग्राहकों को अभी भी भरोसा कम है. इसकी वजह ई-वाहन बनाने वाली कंपनियों में एक दो ब्रांड को छोड़कर अधिकतर स्टार्टअप कंपनियों का होना है. हालांकि हाल में टीवीएस, बजाज और ओला जैसे ब्रांड ने इलेक्ट्रिक टू व्हीलर्स बनाने की बात कही है. (Representative Photo) स्टीलबर्ड इंटरनेशनल के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर मानव कपूर के मुताबिक अभी बाजार में इलेक्ट्रिक 2-व्हीलर की ज्यादा मांग नहीं है. इसकी वजह से ऐसी गाड़ियों को खरीदने के लिए लोगों को सही लोन या फाइनेंस ऑप्शन नहीं मिल पाता है. हालांकि केंद्र और कई राज्य सरकारों ने इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने के लिए सब्सिडी देनी शुरू दी है. (Representative Photo)
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