
पाकिस्तान: सांसदों की खरीद-फरोख्त करते इमरान खान का पुराना Audio Leak
AajTak
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान फिर मुश्किलों में फंस गए हैं. उनका सांसदों की खरीद-फरोख्त करते हुए एक ऑडियो लीक कर दिया गया है. वायरल क्लिप उस समय की है जब विपक्ष की घेराबंदी की वजह से इमरान खान सत्ता गंवाने की दहलीज पर खड़े थे.
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान सत्ता से जरूर बेदखल हो गए हैं, लेकिन उनके कारनामे उन्हें अभी भी मुश्किलों में डालने का काम कर रहे हैं. पिछले कुछ हफ्तों से लगातार इमरान खान के पुराने ऑडियो सोशल मीडिया पर लीक किए जा रहे हैं. ऐसा ही एक और ऑडियो अब सामने आ गया है जिसमें इमरान सांसदों की खरीद फरोख्त की बात कर रहे हैं.
वायरल ऑडियो में इमरान ने क्या कहा?
ये ऑडियो उस समय का है जब इमरान खान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री थे, लेकिन विपक्ष की घेराबंदी की वजह से सत्ता गंवाने की दहलीज पर खड़े थे. उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी थी, पर्याप्त सांसदों की दरकार थी, ऐसे में इमरान भी अपनी रणनीति पर काम कर रहे थे. अब उसी रणनीति का ऑडियो लीक किया गया है. उस ऑडियो में इमरान खान कह रहे हैं कि देखो हमारे पास अभी भी 48 घंटे हैं, ये लंबा समय है. बड़ी घटनाएं हो रही हैं. मैं अपनी चाले चल रहा हूं, जिन्हें अभी अवाम के सामने नहीं बताया जा सकता है. मैंने अपना मैसेज साफ दे दिया है, वो पांच (सांसदों की बात) हमारे लिए काफी जरूरी हैं. अगर वो पांच सुरक्षित कर लेते हैं, 10 हो जाए तो बाजी पूरी तरह हमारे हाथ में होगी. पूरा मुल्क अभी सतर्क है. हर कोई बस चाहता है कि किसी तरह हमारी जीत हो जाए. इसलिए कह रहा हूं कि आप अभी ये मत सोचिए कि क्या गलत है क्या सही है. अगर उन्होंने एक भी तोड़ लिया (सांसद) तो बड़ा फर्क पड़ जाएगा.
Latest leak of @ImranKhanPTI. Discussion about buying & selling of legislators during vote of no confidence. Background voice says: “I am buying 5.” Khan: Those five are very important…game in our hand if we can go from 5 to 10. Every (legislator) we break will make a difference pic.twitter.com/2nisjqYqPe
इमरान की पार्टी ने ऑडियो को बताया फर्जी
अब बड़ी बात ये है कि इमरान खान का ये ऑडियो क्लिप उस समय सामने आया है जब पाकिस्तान के गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह इस ऑडियो लीक वाले मामले की ही जांच कर रहे हैं. उनकी अध्यक्षता में एक समिति का गठन भी हो चुका है. ऐसे में टाइमिंग को लेकर पाकिस्तान में चर्चा जरूर हो रही है. वहीं दूसरी तरफ से इमरान के इस ऑडियो पर PTI ने भी प्रतिक्रिया दे दी है. पार्टी नेता असद उमर ने कहा है कि ये तो अलग-अलग आवाजों का एक कॉकटेल है. इस पर विश्वास नहीं किया जा सकता है. वहीं फवाद चौधरी ने कहा है कि सभी जानते हैं कि ऐसे ऑडियो किस तरह से बनाए जाते हैं.

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि ईरान ने उन पर हमला किया या उनकी हत्या की साज़िश रची, तो अमेरिका ईरान को पूरी तरह से दुनिया के नक्शे से मिटा देगा. यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है. ट्रंप की इस धमकी ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. ऐसे हालात में दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिंता अभी भी कायम है. दावोस में दिए अपने भाषण में उन्होंने डेनमार्क को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि वह एहसानफरामोश निकला, क्योंकि दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने ग्रीनलैंड को दिया था, लेकिन अब डेनमार्क इसका सही उपयोग नहीं कर रहा है. ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है और वह इसे लेना चाहते हैं.

'PM मोदी की बहुत इज्जत करता हूं, जल्द अच्छी ट्रेड डील होगी', टैरिफ धमकियों के बीच ट्रंप का बड़ा बयान
ट्रंप ने मीडिया संग बातचीत में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कहा कि आपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मेरे मन में बहुत सम्मान है. वह बेहतरीन शख्स है और मेरे दोस्त हैं. हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है.

ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे यूरोप से प्यार है लेकिन वह सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. दुनिया हमें फॉलो कर बर्बादी के रास्ते से बच सकती है. मैंने कई मुल्कों को बर्बाद होते देखा है. यूरोप में मास माइग्रेशन हो रहा है. अभी वो समझ नहीं रहे हैं कि इसके क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं. यूरोपीयन यूनियन को मेरी सरकार से सीखना चाहिए.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा प्रस्ताव रखा है. उन्होंने साफ कहा है कि अगर ग्रीनलैंड अमेरिका को नहीं दिया गया तो वे यूरोप के आठ बड़े देशों पर टैरिफ लगाएं जाएंगे. इस स्थिति ने यूरोप और डेनमार्क को ट्रंप के खिलाफ खड़ा कर दिया है. यूरोप और डेनमार्क ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ट्रंप के इस ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान को एक तकनीकी खराबी की वजह से वापस वाशिंगटन लौट आया. विमान को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में सुरक्षित उतारा गया. ट्रंप के एयर फोर्स वन विमान में तकनीकि खराबी की वजह से ऐसा करना पड़ा. विमान के चालक दल ने उड़ान भरने के तुरंत बाद उसमें एक मामूली बिजली खराबी की पहचान की थी. राष्ट्रपति ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में शिरकत करने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जा रहे थे.

ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.






