
पाकिस्तानी क्रिकेटर्स को मिला लालच, विदेशी लीग खेलने से इस तरह रोक रहा PCB
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पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने रेड और व्हॉइट बॉल क्रिकेट के लिए दो अलग-अलग सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट पॉलिसी की शुरुआत की है, जो एक जुलाई से लागू होगी...
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने अपने खिलाड़ियों के लिए नई सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट पॉलिसी लागू की है. साथ ही अपने देश को प्राथमिकता देने और विदेशी लीग में नहीं खेलने के लिए भी बोर्ड ने अपने स्टार खिलाड़ियों को लालच दिया है.
दरअसल, पीसीबी ने शुक्रवार से रेड बॉल (टेस्ट) और व्हाइट बॉल (वनडे-टी20) क्रिकेट के लिए दो अलग-अलग सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट पॉलिसी की शुरुआत की है. यह पॉलिसी एक जुलाई से लागू होगी. पाकिस्तानी बोर्ड ने बताया कि इस बार प्लेयर्स की मैच फीस से लेकर बाकी राशि भी बढ़ाई है.
पीसीबी के लिए 15 अरब रुपये का बजट मंजूर
पीसीबी ने बताया कि बोर्ड ऑफ गवर्नेंस की वार्षिक मीटिंग में 2022-23 वित्तीय वर्ष के लिए 15 अरब रुपये का बजट मंजूर किया है. इसमें से 78 प्रतिशत राशि क्रिकेट एक्टिविटी के लिए प्रस्तावित है. पीसीबी ने नई पॉलिसी के साथ सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के तहत रिटेन प्लेयर्स की संख्या भी 20 से बढ़ाकर 33 की है.
सभी फॉर्मेट के लिए मैच फीस भी 10 प्रतिशत तक बढ़ाई है. इनके अलावा नॉन प्लेइंग मेंबर (सहयोगी स्टाफ) की मैच फीस भी 50 से 70 प्रतिशत तक बढ़ाई है. कप्तान को भी अपनी बढ़ी हुई जिम्मेदारियों के साथ बढ़ी हुई फीस मिलेगी.
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