
पहले फ्लैट में लगी आग, फिर मिली लड़की की लाश… बेंगलुरु इंजीनियर मर्डर केस में सनसनीखेज खुलासा
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बेंगलुरु में एक घर में लगी आग ने पहले हादसे का रूप लिया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सनसनीखेज सच उजागर कर दिया. सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत जलने से नहीं, बल्कि गला घोंटकर की गई थी. पुलिस ने 9 दिन बाद पड़ोसी कॉलेज छात्र को गिरफ्तार कर हत्या और सबूत मिटाने का खुलासा किया.
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के पॉश राममूर्ति नगर इलाके में एक फ्लैट में लगी आग ने पहले सबको हादसा लगने का आभास दिया, लेकिन जांच आगे बढ़ी तो यह मामला एक साजिशन हत्या में बदल गया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि फ्लैट में रहने वाली महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत आग से नहीं, बल्कि गला घोंटकर की गई थी.
ये घटना 3 जनवरी की रात की है. सुब्रह्मण्यम लेआउट स्थित एक अपार्टमेंट से रात 10.30 बजे अचानक आग की लपटें उठने लगीं. आसपास के लोगों ने फौरन फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी. यह वही फ्लैट था, जहां किराए पर दो युवतियां रहती थीं. आग की भयावहता देखकर लोगों को आशंका हुई कि अंदर कोई फंसा हो सकता है.
मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग बुझाने का ऑपरेशन शुरू किया. जब दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुए, तो एक युवती की लाश मिली. फ्लैट अंदर से बंद था. शुरुआती हालात देखकर यह माना गया कि शॉर्ट सर्किट से आग लगी और दम घुटने से मौत हुई होगी. मृतका की पहचान 34 साल की शर्मिला डीके के रूप में हुई, जो पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर थी.
वो इस फ्लैट में एक रूममेट के साथ रहती थी, लेकिन वारदात के समय वो असम गई हुई थी. शर्मिला मूल रूप से मैंगलुरु की रहने वाली थी और इन दिनों फ्लैट में अकेली रह रही थी. पुलिस ने पहले अस्वाभाविक मौत का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी. फॉरेंसिक टीम को बुलाकर घटनास्थल की बारीकी से जांच कराई गई. फ्लैट में कपड़े और सामान जले हुए थे.
पुलिस को शर्मिला का मोबाइल फोन नहीं मिला. यहीं से शक हुआ कि मामला सिर्फ आग का नहीं है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुलिस के शक को पुख्ता कर दिया. रिपोर्ट में साफ हुआ कि शर्मिला की मौत गला घोंटने से हुई थी. उसके शरीर पर चोट के निशान भी मिले, जो मौत से पहले संघर्ष की ओर इशारा कर रहे थे.

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