
माघ मेला से 2027 पंजाब चुनाव की बिछेगी बिसात, बीजेपी और AAP का समझें प्लान
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पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब में लगने वाला माघी मेले के जरिए चुनावी अभियान को सियासी दलों ने धार देने की स्टैटेजी बनाई है. अकाली दल से अलग होने के बाद बीजेपी पहली बार तो आम आदमी पार्टी दस साल के बाद फिर माघ मेले के जरिए मिशन-पंजाब का आगाज करने जा रही है.
पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव में अभी एक साल से भी ज्यादा का वक्त बाकी है, लेकिन सियासी तानाबाना बुना जाने लगा है. दिल्ली चुनाव के बाद से आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पंजाब में डेरा जमाए हुए हैं, लेकिन अकाली दल से लेकर कांग्रेस और बीजेपी तक पंजाब में अपनी वापसी की कवायद में जुटी है. श्री मुक्तसर साहिब के सालाना माघ मेले के जरिए बीजेपी से लेकर आम आदमी पार्टी तक राजनीतिक सम्मेलन कर 2027 की चुनावी जंग फतह करने की इबारत लिखने का काम कर रहे हैं.
मुगलों के खिलाफ 1705 में खिदराना की लड़ाई में मारे गए सिख समुदाय के लोगों के सम्मान में माघी मेला हर साल 14 जनवरी को श्री मुक्तसर साहिब में आयोजित होता है. पंजाब का यह सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जाता है. ऐसे में राजनीतिक रूप से माघ मेला काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में सियासी सम्मेलन भी इसी मेले के जरिए किए जाने लगे हैं.
शिरोमणि अकाली दल से गठबंधन तोड़ने के पांच साल से अधिक समय के बाद बीजेपी 14 जनवरी को श्री मुक्तसर साहिब में वार्षिक माघी मेले में अपना राजनीतिक सम्मेलन किया है, जो विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब में माहौल तैयार करने के लिए एक आक्रामक प्रयास का संकेत है. वहीं, आम आदमी पार्टी दस साल के बाद फिर से माघी मेले के जरिए मिशन-2027 का आगाज कर रही है.
BJP का माघ मेले से मिशन पंजाब
पंजाब में बीजेपी पहली बार माघी मेले के जरिए चुनावी बिगुल फूंक दिया है. बीजेपी की स्थानीय टीम ने श्री मुक्तसर साहिब में एक सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ अपनी टीम के साथ पहुंचे. सम्मेलन का मकसद पंजाब में बीजेपी की चुनावी रणनीति का हिस्सा है और पार्टी सिखों के धार्मिक भावनाओं को कैश कराने का दांव चला है.
माघी मेले के जरिए बीजेपी अपने पारंपरिक शहरी आधार से आगे बढ़ने और ग्रामीण इलाके में अपनी जड़े जमाने का है. सुनील जाखड़ ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि पार्टी अब सिर्फ़ शहरी इलाकों तक सीमित नहीं है और राज्य के हर गांव और ग्रामीण इलाके तक पहुंच बढ़ा रही है. उन्होंने साफ कहा कि बीजेपी का फोकस पंजाब और पंजाबियत पर है.

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