
दो हत्यारे, 3 गोलियां और भारत के दुश्मन का काम तमाम... 11 साल बाद ऐसे हुआ सरबजीत सिंह के हत्यारे अमीर सरफराज का खात्मा
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सरबजीत सिंह के हत्यारे को पाकिस्तान में 'अज्ञात' हमलावरों ने मार गिराया है. सरबजीत की हत्या का मामला वैसे तो 11 साल पुराना है, लेकिन अब उनके हत्यारे अमीर सरफराज तांबा के मर्डर के बाद एक बार फिर यह केस लोगों के जहन में आ गया है.
पाकिस्तान की जेल में सजा काट रहे भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह की ग्यारह साल पहले ISI के इशारे पर जेल में हत्या कर दी गई थी. साल 2013 में सरबजीत पर जेल के अंदर हमला हुआ. पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में हाफिज सईद के करीबी अमीर सरफराज तांबा ने पॉलीथीन से गला घोंटकर और पीट-पीटकर सरबजीत को मौत के घाट उतार दिया था.
सरबजीत की हत्या का मामला 11 साल बाद चर्चा में इसलिए है, क्योंकि उन्हें तड़पा-तड़पाकर मौत के घाट उतारने वाले आंतकी हाफिज सईद के बेहद खास अमीर सरफराज तांबा को 'अज्ञात हमलावरों' ने पाकिस्तान में गोलियों से भून डाला है. तांबा पर जब अटैक हुआ, तब वह अपने घर में ही बैठा हुआ था. दो हमलावर बाइक पर आए और उन्होंने दरवाजा खोलते ही अमीर सरफराज को गोलियों से भून डाला. गोलीबारी में अमीर सरफराज को 3 गोलियां लगीं और उसकी मौत हो गई.
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमीर सरफराज तांबा का घर लाहौर के घनी आबादी वाले इलाके सनंत नगर में है. हमले को अंजाम देने आए हमलावर बाइक पर सवार होकर आए थे, उन्होंने तांबा पर ताबड़तोड़ फायरिंग की. उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. तांबा की छाती और पैरों पर गोलियों के निशान हैं.
तांबा के भाई ने पुलिस को क्या बताया
अमीर सरफराज तांबा के भाई जुनैद सरफराज ने पुलिस को बताया,'घटना के समय मैं अपने बड़े भाई अमीर सरफराज तांबा के साथ रविवार को अपने लाहौर के सनंत नगर वाले घर पर था. मैं ग्राउंड फ्लोर पर था, जबकि बड़े भाई ऊपरी हिस्से में थे. अचानक दोपहर 12.40 बजे घर का मैन गेट खुला. दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवार आए. एक ने हेलमेट पहना हुआ था और दूसरे ने चेहरे पर मास्क लगा रखा था. घर में घुसते ही दोनों ऊपरी हिस्से की तरफ भागे.
सरबजीत को मारने पर मिला था ईनाम

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