
तो क्या जानलेवा हमला दिला देगा ट्रंप को जीत? जानें देश-दुनिया में राजनेताओं पर हुए अटैक ने कैसे बदला सियासी रुख
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डोनाल्ड ट्रंप पर गोलीबारी करने वाले शूटर के स्कूल टाइम के दोस्त जेम्सन मायर्स के मुताबिक, वह स्कूल में एक खराब निशानेबाज था. मायर्स ने बताया, "थॉमस क्रुक ने हाई स्कूल की राइफल टीम में शामिल होने की कोशिश की, लेकिन उसे रिजेक्ट कर दिया गया और 'प्री-सीजन' सेशन के बाद वापस न आने के लिए कहा गया."
अमेरिका (USA) के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर पिछले दिनों जानलेवा हमला हुआ. एक चुनावी रैली के दौरान ट्रंप पर गोलीबारी हुई, जिसमें वो बाल-बाल बच गए. शूटर के द्वारा चलाई गई गोली उनके दाहिने कान को छलनी करते हुए निकली. चुनाव के दौरान जब-जब भी किसी राजनेता पर गोली चली, उसी की राजनीतिक पार्टी को फायदा हुआ. बात चाहे अमेरिका की हो या हिंदुस्तान की. तो क्या डॉनाल्ड ट्रंप पर हुए जानलेवा हमले ने उन्हें नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति पद चुनाव का विजेता बना दिया है? हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप की जान तो बच गई लेकिन क्या उन्हें इसका फायदा चुनाव में मिलेगा?
आइए जानते हैं कि इस सिलसिले में इतिहास क्या कहता है? रॉनाल्ड रीगन पर भी राष्ट्रपति रहते हुए ऐसा हमला हुआ था और वो उसके बाद चुनाव जीत गए थे. तो क्या इस लिहाज से डॉनाल्ड ट्रंप की भी जीत तय है या फिर पिक्चर अभी बाकी है?
लेकिन अमेरिका का इतिहास बताता है कि वहां किसी नेता पर जानलेवा हमला जीत की गारंटी नहीं है. लेकिन फिर भी इस बार के चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप का पलड़ा भारी माना जा रहा है. इसकी एक बड़ी वजह अमेरिकी जनता का गुस्सा है, जो अपने देश के घटते सम्मान को लेकर बेहद खफा हैं.
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अमेरिकी लोगों को किस बात की फिक्र?
अमेरिका के लोग अपने सिस्टम पर बहुत गर्व करते हैं लेकिन अमेरिका को जिन चीजों पर गर्व है, वो खत्म होती जा रही हैं. इसलिए ये सिर्फ ट्रंप और बाइडेन का मामला नहीं रहा. ट्रंप इस वक्त लोगों की नजर में हीरो बन गए हैं. वो गोलीबारी के बाद जिस तरह उठे और उन्होंने फाइट-फाइट-फाइट चिल्लाया, इस तरह ट्रंप ने अपने समर्थकों में जोश से भर दिया.

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