
'तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई घोड़ी पर सवार होने की': पाटन में दलित की बारात पर हमला, गांव के लोगों ने क्या बताया?
BBC
बारातियों ने बताया कि अगर वे भागकर घर न लौटते, तो उनकी जान जा सकती थी. पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच पुरानी दुश्मनी की बात कही है, लेकिन दलित परिवार का कहना है कि यह हमला उनकी जाति की वजह से किया गया.
पाटन ज़िले के चंद्रमाणा गांव में दाख़िल होते ही जोगणी माता मंदिर के पास एक पुलिस कार और चार पुलिस अधिकारी बैठे नज़र आते हैं. ये ठाकोर वास मोहल्ला है.
थोड़ी दूरी पर दलित समुदाय का 'रोहित वास' (मोहल्ला) है, जहां ग्राम रक्षक दल के जवानों का बंदोबस्त दिखाई देता है.
गांव में फ़िलहाल शांति दिख रही है, लेकिन कुछ दिनों पहले स्थिति बिल्कुल अलग थी. तब दलित समाज की बारात पर ठाकोर समुदाय के लोगों ने हमला कर दिया था.
इस घटना के बाद दलित समुदाय के गणपत चावड़ा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत में कहा गया है कि उनके बेटे की शादी के दौरान ठाकोर समाज के लोगों ने हमला किया.
चावड़ा का दावा है कि गांव में दलित समुदाय के किसी व्यक्ति ने पहली बार घोड़ी पर बैठकर गांव से बारात निकाली थी, इसीलिए उन पर हमला हुआ.
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