
'डेमन गॉड और फर्जी...', हनुमानजी की वो प्रतिमा जो अमेरिका में विवाद की वजह बन गई
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टेक्सास, अमेरिका में स्थापित 90 फीट ऊंची बजरंगबली हनुमानजी की मूर्ति ने भारतीय समुदाय में गर्व और खुशी का माहौल बनाया है. यह मूर्ति धार्मिक आस्था और भारतीय वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है. हालांकि, स्थानीय चर्चों और कुछ राजनीतिक नेताओं ने इसे 'डेमन गॉड' कहकर विरोध जताया है.
हनुमान चालीसा में हनुमानजी की महिमा एक चौपाई आती है, भूत-पिशाच निकट नहीं आवें, महावीर जब नाम सुनाएं' यानी हनुमानजी का नाम सुनकर ही भूत-पिशाच पास भी नहीं फटकते हैं. सोचिए, इन्हीं श्रीराम भक्त हनुमान को अमेरिका में डीमन गॉड (दानव) बता दिया गया. उन्हें फर्जी कहा जा रहा है. ये सब हनुमानजी की उस प्रतिमा के लिए कहा जा रहा है, जिसका उद्घाटन सालभर पहले ही हुआ है.
हनुमान जी को कहा गया डेमन गॉड बता दें कि बीते साल (23 अगस्त 2024) को अमेरिका के टेक्सास राज्य में बजरंगबली हनुमानजी की 90 फीट ऊंची भव्य मूर्ति स्थापित की गई थी. इसने न केवल भारतीय समुदाय में गर्व और खुशी का आलम था बल्कि पूरे अमेरिका में इसे एक सकारात्मक पहल के तौर पर देखा गया था. यह मूर्ति अमेरिका में स्थापित धार्मिक मूर्तियों में से एक सबसे ऊंची मूर्तियों में शामिल थी, इससे ऊंची केवल स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी और पेगासस की ड्रैगन की मूर्तियां हैं, जो अमेरिकी इतिहास और संस्कृति के प्रतीक मानी जाती हैं.
स्टेच्यू ऑफ यूनियन मिला था नाम उद्घाटन के साथ ही इस प्रतिमा को स्टेच्यू ऑफ यूनियन का नाम दिया गया था. कांसे की बनी प्रतिमा को यह नाम इसलिए दिया गया क्योंकि हनुमान जी ने श्रीराम और सीता माता को मिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. अब इसके विरोध में स्थानीय चर्च आ गए हैं और इसे डीमन गॉड तक कह दिया. मूर्ति मंदिर परिसर में होते हुए भी काफी ऊंची है और दूर से दिखती है. इस बात पर कट्टरपंथी और विरोध करने लगे. ट्रंप की ही पार्टी के नेता ने. अलेक्जेंडर डंकन,जो कि रिपब्लिकन के नेता हैं, उन्होंने कहा कि, हम क्यों एक झूठी मूर्ति को यहां रहने दे रहे हैं? हम एक क्रिश्चियन देश हैं.
शक्ति और करुणा का प्रतीक बता दें कि, शक्ति और करुणा की प्रतीक यह मूर्ति वास्तु में अद्भुत है. इस विशाल मूर्ति का निर्माण भारतीय वास्तुकला के अद्भुत नमूने के रूप में किया गया है. मूर्ति में हनुमानजी की शक्तिशाली और करुणामयी छवि नजर आती है, जिसमें नीचे की ओर टिकी उनकी गदा उनके सामर्थ्य का प्रतीक है. यह प्रतिमा धार्मिक महत्व की तो है ही, साथ ही वास्तुकला और इंजीनियरिंग का भी अद्वितीय उदाहरण है.
अष्टलक्ष्मी मंदिर में की गई थी स्थापित मूर्ति की निर्माण प्रक्रिया में कई महीनों का समय लगा था. टेक्सास के सुगर लैंड नामके शहर में श्री अष्टलक्ष्मी मंदिर में विशाल बजरंगबली की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी. हनुमान प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा का श्रेय चिन्नाजीयर स्वामीजी को दिया गया था. इससे पहले भी अमेरिका के विभिन्न हिस्सों में भारतीय देवी-देवताओं की मूर्तियों की स्थापना की गई है, लेकिन 90 फीट ऊंची बजरंग बली की यह मूर्ति अपनी भव्यता और महत्व के कारण खास बनी हुई है.

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