
ट्रंप के साउथ कोरिया पहुंचने से पहले हरकत में किम जोंग उन, नॉर्थ कोरिया ने किया क्रूज मिसाइल टेस्ट
AajTak
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दक्षिण कोरिया पहुंचने से पहले उत्तर कोरिया ने समुद्र से सतह पर मार करने वाली क्रूज मिसाइलों का परीक्षण किया. यह परीक्षण ऐसे समय हुआ जब ट्रंप एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) सम्मेलन में शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं.
उत्तर कोरिया ने मंगलवार को कोरियाई प्रायद्वीप के पश्चिमी तट पर समुद्र से सतह पर मार करने वाली क्रूज मिसाइलों का परीक्षण किया. उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया ‘KCNA’ के अनुसार, इन मिसाइलों को समुद्र से वर्टिकल लॉन्च किया गया और वे लगभग 7,800 सेकंड तक एक तय मार्ग पर उड़ान भरने के बाद अपने लक्ष्य पर जाकर गिरीं.
हालांकि इस परीक्षण के दौरान उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन मौजूद नहीं थे. KCNA की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर कोरियाई केंद्रीय सैन्य आयोग के उपाध्यक्ष पाक जोंग चोन ने कहा कि देश अपनी "परमाणु शक्ति" को सशक्त करने की दिशा में योजना के अनुसार "महत्वपूर्ण सफलता" हासिल कर रहा है.
यह भी पढ़ें: ट्रंप-पुतिन की दुश्मनी की कीमत चुकाएगी ये ऑयल कंपनी, बेचना पड़ रहा तेल का कुआं-रिफाइनरी
यह परीक्षण ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दक्षिण कोरिया के दौरे पर पहुंच रहे हैं. ट्रंप बुधवार को दक्षिण कोरिया के शहर ग्योंगजु पहुंचेंगे, जहां वे एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) फोरम की बैठकों में शामिल होंगे. इस सम्मेलन में कई देशों के प्रमुख और उद्योग जगत के नेता भी मौजूद रहेंगे.
साउथ कोरिया में शी जिनपिंग से मिलेंगे ट्रंप
ट्रंप की इस यात्रा का सबसे अहम हिस्सा उनका चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ संभावित मुलाकात है, जो छह साल बाद दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने की बैठक होगी. उम्मीद जताई जा रही है कि यह बैठक अमेरिका और चीन के बीच चल रहे व्यापार युद्ध में किसी समझौते की दिशा में कदम बढ़ा सकती है.

ईरान ने भी अपनी मिसाइल ताकत को दुनिया के सामने पेश किया है और ईरान ने हिंद महासागर में मौजूद ब्रिटेन के सैन्य बेस पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर दो लॉन्ग रेंज मिसाइलों से हमला किया है. हम आपको बता दें कि ईरान से दिएगो गार्सिया की दूरी करीब 4 हजार किलोमीटर है. ईरान ने दिएगो गार्सिया की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी जिसमे एक को बीच में ही नष्ट करने का दावा किया जा रहा है.

अमेरिका ने ईरानी तेल पर 30 दिन की छूट दी, लेकिन ईरान ने एक्स्ट्रा तेल होने से इनकार कर दिया. दोनों के दावों से वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है. दुनियाभर के मुल्क ये उम्मीद लगाए बैठे हैं कि अमेरिकी की ओर से छूट मिलने के बाद ईरान का तेल उन्हें मिलेगा. लेकिन, ईरान के बयान से सभी को बड़ा झटका लगा है.

ईरान ने हिंद महासागर में अमेरिकी और ब्रिटिश संयुक्त सैन्य बेस डिएगो गार्सिया पर हमला किया है. मध्यपूर्व की सीमाओं से दूर किसी अमेरिकी ठिकाने पर ये ईरान का अबतक का सबसे बड़ा हमला है. वहीं ईरान ने ब्रिटेन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ब्रिटेन अमेरिका को ब्रिटिश सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने देता है तो इसे सीधे आक्रामक कार्रवाई में भागीदार माना जाएगा.

ईरान ने हिंद महासागर में अमेरिकी और ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य बेस डिएगो गार्सिया पर मिसाइल हमला किया है. मध्यपूर्व की सीमाओं से दूर किसी अमेरिकी ठिकाने पर ये ईरान काअबक का सबसे बजड़ा हमला है. डिएगो गारर्सिया बोहद रणनीतिक सैन्य अड्डा है. B-52 बॉम्बर विमान, लंबी दूरी के हमले के हथियार इस बेस पर मौजूद है.









