
ट्रंप का निशाना चीन, लेकिन टैरिफ वॉर का सबसे ज्यादा फायदा उसे ही होगा, कैसे?
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डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर 10% का टैरिफ लगाया है. इसके बाद उन्होंने स्टील और एल्यूमिनियम पर भी 25% का टैरिफ लगा दिया है. ट्रंप के टैरिफ रणनीति के केंद्र में चीन है लेकिन कहा जा रहा है कि चीन को इससे फायदा ही होने वाला है.
डोनाल्ड ट्रंप आए दिन नए-नए टैरिफ का ऐलान कर रहे हैं जिससे दुनिया भर में हड़बड़ी मची हुई है. 4 फरवरी को उन्होंने चीन से अमेरिका में आयात किए जा रहे सभी सामानों पर 10% का टैरिफ लगा दिया. बदले की कार्रवाई करते हुए चीन ने भी अमेरिकी सामानों पर टैरिफ की घोषणा की. इसके तुरंत बाद ही खबर आई कि ट्रंप ने अमेरिका में आयात किए जा रहे सभी स्टील और एल्यूमिनियम उत्पादों पर 25% का टैरिफ लगा दिया है. और इस टैरिफ का निशाना है चीन.
अमेरिका के कुल स्टील इस्तेमाल का एक चौथाई हिस्सा आयात होता है. चीन दुनिया का सबसे बड़ा स्टील उत्पादक और निर्यातक है लेकिन अमेरिका को यह बहुत कम मात्रा में स्टील निर्यात करता है.
हालांकि, एल्यूमिनियम के लिए अमेरिका बहुत हद तक चीन पर निर्भर है. अमेरिका में जितना भी एल्यूमिनियम इस्तेमाल होता है, उसका 50 फीसद आयात किया जाता है. अमेरिका सबसे अधिक एल्यूमिनियम कनाडा और संयुक्त अरब अमीरात से खरीदता है. तीसरे नंबर पर चीन है जहां से अमेरिका लाखों मीट्रिक टन एल्यूमिनियम खरीदता है.
ट्रंप के स्टील और एल्यूमिनियम पर टैरिफ का असर दुनिया के उन सभी देशों पर पड़ेगा जो अमेरिका को भारी मात्रा में ये धातु निर्यात करते हैं. इनमें चीन के अलावा कनाडा, मैक्सिको और ब्राजील जैसे देश शामिल हैं.
एशियाई देश दक्षिण कोरिया, वियतनाम, ऑस्ट्रेलिया और जापान पर भी ट्रंप के नए टैरिफ का असर होगा. ऑस्ट्रेलिया ने पहले ही कहा है कि वो टैरिफ से छूट के लिए अमेरिका से बातचीत करने की कोशिश करेगा. लेकिन अगर किसी देश को टैरिफ से छूट पानी है तो उसका एक ही तरीका है और वो है- ट्रंप को यह यकीन दिलाना कि उस देश पर लगे टैरिफ अमेरिका के हित में नहीं हैं.
चीन निशाना लेकिन ट्रंप के टैरिफ से कैसे फायदे में रहेगा चीन?

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