
जेट एयरवेज: जालान और गुप्ता ब्रदर्स को सिक्योरिटी क्लियरेंस मिलना मुश्किल, DGCA ने उठाए अहम सवाल
Zee News
Zee News के खुलासे के बाद DGCA ने जेट एयरवेज के मामले में NCLT में हलफनामा दायर किया. इस हलफनामे में कहा गया है कि अगर NCLT की तरफ से जेट एयरवेज को खरीदने के लिए किसी रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी मिल भी जाती है तो उसे तब तक पूरा नहीं माना जाएगा, जब तक भारत सरकार की तरफ से उसे सिक्योरिटी क्लियरेंस नहीं मिल जाता.
(अमित प्रकाश/ब्रजेश कुमार) मुंबई/नई दिल्ली: जमीन पर खड़े जेट एयरवेज के विमान फिर से उड़ान भरेंगे, ऐसी उम्मीदें जताई जा रही हैं. लेकिन ये तभी संभव है जब बोली लगाने वाले को National Company Law Tribunal यानी NCLT की मंजूरी मिल जाए. मुरारी लाल जालान की कंपनी जालान कैलरॉक कंसोर्टियम ने जेट एयरवेज को टेकओवर करने के लिए रेजोल्यूशन प्लान CoC यानी Committee Of Creditors (लेनदारों) को सौंपा था. CoC ने इसे मंजूरी भी दे दी. अब ये मामला NCLT के पास है. Zee News ने दस्तावेजों के आधार पर ये खुलासा किया कि मुरारी लाल जालान के पीछे साउथ अफ्रीका के चर्चित गुप्ता ब्रदर्स हैं, जिनपर वहां धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के संगीन आरोप हैं. गुप्ता ब्रदर्स साउथ अफ्रीका छोड़कर भाग गए हैं और खबर है कि वो इस वक्त उज्बेकिस्तान के ताशकंद में हैं, जबकि उनका परिवार दुबई में है. Zee News के पास वो दस्तावेज भी हैं जो बताते हैं कि जालान परिवार और गुप्ता परिवार के बीच पारिवारिक और व्यापारिक संबंध हैं.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.

Rafale deal India: इंडियन एयरफोर्स की हवाई ताकत को बड़ा बूस्टर मिलने वाला है. ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय वायुसेना को दुनिया की सबसे घातक हवाई शक्ति बनाने की दिशा में इसी हफ्ते एक बहुत बड़ा फैसला लिया जा सकता है. भारत और फ्रांस के बीच होने वाली राफेल डील अब सिर्फ 114 विमानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह आंकड़ा 200 के पार जा सकता है.

Indian Army के 5 वॉर वेपन्स, जिससे थर-थर कांपती दुनिया; आखिरी वाला पाकिस्तान का कहलाता 'जानी' दुश्मन
Indian Army war weapons: भारतीय सेना की गिनती दुनिया की सबसे घातक सैन्य ताकतों में होती है. इसके पीछे की वजह लाखों में भर्ती जवानों की संख्या ही नहीं है, बल्कि उनके हाथों में मौजूद वे मॉडर्न हथियार भी हैं. जो दुश्मन की किसी भी हिमाकत का तुरंत जवाब देने के लिए काफी हैं. ऐसे में आइए इंडियन आर्मी के 5 वॉर वेपन्स के बारे में जानते हैं.







