
'जीतूंगा तो अमेरिका में लगवाऊंगा इजरायल की तरह आयरन डोम...', ट्रंप का चुनावी वादा
AajTak
डोनाल्ड ट्रंप ने मिल्वॉकी कन्वेंशन में कहा कि हम हमारे देश के लिए आयरन डोम तैयार करेंगे. एक ऐसा आयरन डोम जिसे पहले किसी ने नहीं देखा होगा. इस अत्याधुनिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह से देश के भीतर ही तैयार किया जाएगा.
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने मिल्वॉकी में रिपब्लिकन पार्टी के कन्वेंशन में एक बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद उनकी सरकार देश की सुरक्षा के लिए आयरन डोम (Iron Dome) बनवाएगी.
ट्रंप ने मिल्वॉकी में रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन को संबोधित करते हुए कहा कि इजरायल के पास आयरन डोम है. उनके पास मजबूत मिसाइल डिफेंस सिस्टम है. इजरायल पर 342 मिसाइलें दागी गई थीं लेकिन इनमें से सिर्फ एक मिसाइल ही थोड़ी बहुत निशाने पर लगी थी. अन्य देशों के पास इस तरह का सिस्टम क्यों नहीं होना चाहिए और हमारे पास ऐसा क्यों नहीं है? हम हमारे देश के लिए ऐसा ही आयरन डोम बनाएंगे और ये सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी हमारे देश की तरफ आंख उठाकर नहीं देख सके और हमारे लोगों को नुकसान नहीं पहुंचा सके.
उन्होंने कहा कि हम ऐसा आयरन डोम जिसे पहले किसी ने नहीं देखा होगा. इस अत्याधुनिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह से देश के भीतर ही तैयार किया जाएगा.
क्या है रिपब्लिकन पार्टी की डिफेंस पॉलिसी?
अमेरिका की सबसे बड़ी पार्टियों में शुमार रिपब्लिकन पार्टी ने कुछ महीने पहले अपनी डिफेंस पॉलिसी का खाका तैयार किया था. इसके तहत देश की सुरक्षा के लिए इजरायल के आयरन डोम की तर्ज पर मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैयार करने की बात कही गई है. रिपब्लिकन पार्टी ने कहा था कि तीसरे विश्वयुद्ध को रोकने, यूरोप और मिडिल ईस्ट में शांति बहाली करने के लिए अमेरिका की सुरक्षा के लिहाज से आयरन डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैयार किया जाना है.
क्या है आयरन डोम?

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











