
जारी हुआ सिविल-20 का लोगो, 'You Are The Light' रखी गई टैगलाइन
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सिविल 20 का लोगो जारी हो गया है, इसकी टैगलाइन 'यू आर द लाइट' रखी गई है. सिविल20, G-20 का एक इंगेजमेंट ग्रुप है, जो सिविल सोसाइटी संगठनों और विकास से जुड़े मुद्दों को उठाता है.
'यू आर द लाइट' की टैगलाइन के साथ सिविल 20 का लोगो जारी हो गया है. सिविल20, G-20 का एक इंगेजमेंट ग्रुप है, जो सिविल सोसाइटी संगठनों और विकास से जुड़े मुद्दों को उठाता है. अगले कुछ महीनों तक भारत में इस पर अलग-अलग स्थानों पर चर्चा, सेमिनार आयोजित होंगे.
अंत में एक शिखर सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा. इस समिट में नागरिकों संगठनों की स्थिति और विकास के मुद्दों पर नीतिपत्र जारी किया जाएगा.
क्या दर्शाता है सिविल-20 का लोगो?
भारत और जी 20 के सभी देशों के नागरिक संगठन भारत में सिविल 20 सम्मेलनों में हिस्सा लेंगे. सिविल-20 का लोगो एक प्रकाश पुंज को प्रतिबिबित करता है, जिसका आशय है कि समाज अपनी स्वायत्त शक्ति से चलता है और अपना रास्ता खुद बनाता है.
आज दुनिया को जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, ऐसे में नागरिक समाज और सामाजिक संगठाओं को अपने पर विश्वास रखकर आगे बढ़ना होगा. बता दें कि सिविल-20 इंडिया 2023 चेयरपर्सन माता अमृतानंदमयी देवी हैं.
भारत करेगा G-20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










