
महाराष्ट्र में मुसलमानों का बदला वोटिंग पैटर्न, ओवैसी-ISLAM को काउंटर करने के लिए कांग्रेस ने चला ये दांव
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महाराष्ट्र में आजादी के बाद से लेकर अभी तक मुस्लिम वोटर कांग्रेस के साथ खड़ा रहा है, लेकिन नगर निगम चुनाव में मुस्लिम वोटिंग पैटर्न बदला हुआ नजर आया. मुसलमानों का झुकाव असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM और पूर्व विधायक शेख आसिफ की इस्लाम पार्टी की तरफ दिखा, जिसे कांग्रेस ने काउंटकर करने के लिए मुस्लिम दांव खेला है.
महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी तुरुप का इक्का साबित हुए हैं. ओवैसी की पार्टी AIMIM ने मुस्लिम बहुल इलाके में कांग्रेस और सपा का किला ध्वस्त कर दिया है. औरंगाबाद से लेकर मालेगांव और मुंबई तक 126 पार्षद सीटें AIMIM जीतने में सफल रही तो मालेगांव में इस्लाम पार्टी ने सारा गेम कांग्रेस का खराब कर दिया है. महाराष्ट्र में मुस्लिमों के बदलते वोटिंग पैटर्न और ओवैसी के बढ़ते सियासी ग्राफ को काउंटर करने के मद्देनजर कांग्रेस ने मुंबई में 'मुस्लिम दांव' खेला है.
कांग्रेस ने तीन बार के पार्षद अशरफ आजमी को मुंबई बीएमसी में पार्टी का नेता नियुक्त किया. कांग्रेस विधायक अमीन पटेल मौजूदा स्थिति और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए पार्टी नेताओं की बैठक बुलाई थी. इसी बैठक में अशरफ आजमी को कांग्रेस पार्षद ग्रुप का नेता चुना है. इस तरह कांग्रेस मुंबई में मुस्लिमों के बीच ओवैसी के प्रभाव को करने की रणनीति मानी जा रही है.
महाराष्ट्र के मुस्लिम बेल्ट में AIMIM की दस्तक महाराष्ट्र की 29 नगर महापालिका में से 13 शहरों में 126 सीटें AIMIM ने जीतकर सभी को चौंका दिया है. मुसलमानों के बदले सियासी पैटर्न के चलते AIMIM का सियासी प्रभाव मराठवाड़ा से लेकर विदर्भ, उत्तर महाराष्ट्र और मुंबई तक फैल चुका है. इसका नतीजा है कि कांग्रेस मुंबई में सिर्फ दो दर्जन ही सीट जीत सकी है. महाराष्ट्र के कुल 893 वार्ड की 2869 सीटों में से कांग्रेस सिर्फ 324 सीटें ही जीती है.
AIMIM का सबसे बेहतर प्रदर्शन औरंगाबाद यानि छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका में किया है, जहां ओवैसी के 33 पार्षद चुने गए हैं. इसके अलावा AIMIM ने मालेगांव में 21 सीटें, नांदेड़ में 14 सीटें, अमरावती में 12 सीटें, धुले में 10 सीटें, सोलापुर में 8 सीटें, मुंबई में 8 सीटें, नागपुर में 6 सीटें, ठाणे में 5 सीटें, अकोला में 3 सीटें, अहिल्यानगर में 2 और जालना में 2 सीटें जीती है.
मालेगांव में इस्लाम पार्टी ने बिगाड़ा कांग्रेस का खेल महाराष्ट्र में करीब 11.56 फीसदी मुसलमान हैं, लेकिन मालेगांव में मुस्लिम आबादी 78 फीसदी है. आजादी के बाद से अभी तक हुए चुनावों में महाराष्ट्र के मुस्लिम वोटर कांग्रेस का समर्थन करते रहे. मुस्लिम वोटरों का यह ट्रेंड 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भी दिखा. कांग्रेस और एनसीपी का समर्थन करने वाले मुस्लिम वोटरों का सियासी मिजाज बदल गया है. निकाय चुनाव में मुसलमानों ने असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM और इंडियन सेक्युलर लार्जेस्ट असेंबली ऑफ महाराष्ट्र यानी इस्लाम (ISLAM) जैसी पार्टियों के साथ खड़े नजर आए हैं.
इस्लाम पार्टी का गठन कांग्रेस के पूर्व विधायक शेख आसिफ ने 2024 विधानसभा चुनाव से पहले थी थी. विधानसभा चुनाव में उन्हें सफलता तो नहीं मिली, लेकिन निकाय चुनाव में उन्होंने बाजी मार ली. मालेगांव की 84 सीटों में से AIMIM ने 21 और इस्लाम (ISLAM) ने 35 सीटें जीत हैं. समाजवादी पार्टी ने 5 सीटें हासिल कीं. यहां शिवसेना को 18, कांग्रेस को 3 और बीजेपी को सिर्फ दो सीटें मिलीं. मालेगांव नगर निगम में इस्लाम और सपा गठबंधन अपना मेयर बनाने जा रही जबकि AIMIM मुख्य विपक्षी दल होगी. कांग्रेस का सफाया हो गया है.

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