
'जस्टिस फॉर संजू सैमसन' से 'गेम चेंजर' तक का सफ़र, बार-बार ड्रॉप होने वाला ये खिलाड़ी कैसे बना हीरो
BBC
बीते दो दशक में भारत में रोहित शर्मा के बाद अगर किसी खिलाड़ी को मोस्ट गिफ़्टेड प्लेयर के तौर पर रेट किया गया तो वो नाम संजू सैमसन का ही रहा.
'जस्टिस फॉर संजू सैमसन'
बीते 10 सालों में ना जाने कितनी बार ये लाइन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेंड करते हुए नजर आई.
लेकिन रविवार को कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में संजू सैमसन ने ऐसा कमाल कर दिखाया कि अक्सर ट्रेंड होने वाली ये लाइन बदल गई.
संजू सैमसन ने टी-20 वर्ल्ड कप के वर्चुअल क्वार्टर फाइनल में वेस्टइंडीज के खिलाफ 50 गेंद पर 97 रन की पारी खेलकर भारत को सेमीफाइनल का टिकट दिला दिया.
और संजू की इस पारी के बाद सबसे ज्यादा जिक्र किसी बात का हुआ तो वो थी, 'फाइनली जस्टिस फॉर संजू सैमसन हैपन्स.'
लेकिन ट्रेंड के 'जस्टिस फॉर संजू सैमसन' से 'फाइनली जस्टिस फॉर संजू सैमसन हैपन्स' होने तक संजू सैमसन को कितना मुश्किल और लंबा सफर तय करना पड़ा है, ये शायद उनसे बेहतर कोई और बयां भी नहीं कर सकता था.
भारत की जीत वो मैदान पर घुटने के बल बैठ ऐसे आसमान को ताक रहे थे जैसे उनका सालों पुराना सपना पूरा हो गया था.













