
जवाबी कार्रवाई की तो फिर देंगे जवाब, ईरानी आर्मी चीफ की बेंजामिन नेतन्याहू को चेतावनी
AajTak
13 अप्रैल की आधी रात को ईरान के इजरायल पर हमले से दुनियाभर में हलचल मचा दी है. ईरान ने शनिवार को इजरायल पर ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन दाग दिए. अब ईरानी आर्मी चीफ ने इजरायली सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इजरायली प्रशासन जवाबी कार्रवाई करते है तो उसको गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.
ईरान ने शनिवार की आधी रात को इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन अटैक किए हैं. ईरान ने इजरायल पर 300 से ज्यादा अलग-अलग तरह के ड्रोन हमले किए हैं, जिनमें किलर ड्रोन से लेकर बैलिस्टिक मिसाइल और क्रूज मिसाइलें शामिल हैं. ईरान के हमले के बाद इजरायली सेना ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिवेट कर सेना को हाई अलर्ट कर दिया है. ईरान ने अपने हमले को ऑपरेशन टू प्रॉमिस का नाम दिया है. अब ईरानी आर्मी चीफ ने इजरायल को जवाबी हमले करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है.
ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ, मेजर जनरल मोहम्मद बकेरी का कहना है कि ईरान ने कब्जे वाले क्षेत्रों पर अपने जवाबी हमले पूरे कर लिए हैं. अगर इजरायली सरकार जवाब देता है तो उस इसके कड़े परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है.
बकेरी ने रविवार सुबह कहा, हमारे नजरिए से ऑपरेशन खत्म हो गया है, लेकिन हमारे सशस्त्र बल तैयार हैं और जरूरत पड़ने पर हम कार्रवाई करेंगे.
यह भी पढ़ें: ईरान के चंगुल से 17 भारतीयों को छुड़ाने की चुनौती, इजरायल पर हमले ने बढ़ा दी भारत की दिक्कतें!
बहुत मजबूत है हमारा राष्ट्र: बेंजामिन नेतन्याहू
ईरानी हमलों पर इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि हमने देश के डिफेंस सिस्टम को काम पर लगा दिया है. हम किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं. हमारा राष्ट्र बहुत मजबूत हैं. IDF बहुत मजबूत है और सबसे जरूरी हमारे लोग बहुत मजबूत हैं.इस संकट की घड़ी में हमारा साथ देने वाले अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस सहित सभी देशों की सराहना करता हूं.

कराची के गुल प्लाजा शॉपिंग मॉल में शनिवार रात लगी भीषण आग पर रविवार रात 10 बजे के बाद काबू पा लिया गया है. सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने इस दुखद घटना में एक दमकलकर्मी सहित 6 लोगों की मौत की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्य के बीच 50 से 60 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है.

दुनिया में युद्ध का शोर बढ़ रहा है और शांति कमजोर पड़ रही है. अमेरिका ईरान को लेकर सख्त है जबकि ग्रीनलैंड को लेकर अपनी ताकत दिखा रहा है. रूस और यूक्रेन की जंग सालों से जारी है और यूरोप में न्यूक्लियर खतरे की बातें हो रही हैं. एशिया में इस्लामिक नाटो का गठन हो रहा है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए नई चुनौती बन सकता है. ग्रीनलैंड की भू-राजनीति अब वैश्विक शक्ति संघर्ष का केंद्र बन चुकी है जहां अमेरिका, चीन और रूस अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं. भारत सहित पूरे विश्व पर इन घटनाओं का गहरा प्रभाव पड़ रहा है.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप के आठ देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की है. ये देश ग्रीनलैंड पर अमेरिका के कब्जे की धमकी का विरोध कर रहे हैं. अमेरिका और यूरोप के बीच ग्रीनलैंड को लेकर तनाव बढ़ गया है. मिनियापोलिस में अमेरिकी एजेंट की गोलीबारी के बाद प्रदर्शन जोर पकड़ रहे हैं. सीरिया में अमेरिकी सेना की कार्रवाई में एक प्रमुख आतंकवादी मारा गया. ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिका को देश में फैली अशांति का जिम्मेदार बताया. ट्रंप का गाजा पीस प्लान दूसरे चरण में पहुंचा है। जेपी मॉर्गन के सीईओ ने कहा कि उन्हें फेडरल रिजर्व चेयर बनने का कोई प्रस्ताव नहीं मिला. वेनेजुएला में अमेरिकी सैनिकों पर हमले के खिलाफ क्यूबा में बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ.

पूर्वी चीन के जिआंगसू प्रांत के लियानयुंगांग में शुवेई न्यूक्लियर पावर प्लांट के निर्माण की शुरुआत हो गई है, जो चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत पहली परमाणु परियोजना है. यह दुनिया की पहली परियोजना है जिसमें हुआलोंग वन और हाई टेम्परेचर गैस कूल्ड रिएक्टर को एक साथ जोड़ा गया है, जिससे बिजली के साथ हाई-क्वालिटी स्टीम भी तैयार होगी.









