
'जब राष्ट्रपति का वीडियो देखा तो लगा Deepfake...', साउथ कोरिया के नेता ने बताई मार्शल लॉ की पूरी कहानी
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दक्षिण कोरिया की राजनीति में भारी उथल-पुथल उस समय मच गया जब राष्ट्रपति यून सुक योल ने आधी रात को देश में मार्शल लॉ लागू करने का फैसला सुना दिया. विपक्षी नेता ली जे-म्यांग ने इसे डीपफेक वीडियो समझा, लेकिन जल्द ही संसद में पहुंचकर इसे चुनौती दी, जिसके बाद राष्ट्रपति को अपने फैसले को वापस लेना पड़ा.
दक्षिण कोरिया की राजनीति में उस समय उथल-पुथल मच गया, जब यहां के राष्ट्रपति ने देर रात देश में मार्शल लॉ लागू करने का ऐलान कर दिया. नेशनल असेंबली में मुख्य विपक्षी पार्टी के नेता ने उस रात की कहानी बयां की. बताया कि जब उन्होंने राष्ट्रपति का मार्शल लॉ लागू करने वाला वीडियो देखा तो उन्हें लगा कि वो एक डीपफेक वीडियो है.
ली जे-म्यांग, दक्षिण कोरिया की नेशनल असेंबली में लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता हैं, जिन्होंने कुछ ही घंटे में राष्ट्रपति को अपना फैसला वापस लेने के लिए मजबूर कर दिया. उन्होंने बताया कि वह अपना काम पूरा कर अपनी पत्नी के साथ बेड पर थे, जब उनकी पत्नी ने उन्हें यूट्यूब पर राष्ट्रपति का वीडियो दिखाया और बताया कि राष्ट्रपति देश में मार्शल लॉ लागू कर रहे हैं.
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वीडियो देखकर लगा डीपफेक
ली ने बताया, "उस रात, मैं अपना काम पूरा कर अपने घर में बेड पर लेटा हुआ था, जब मेरी पत्नी ने मुझे अचानक एक यूट्यूब वीडियो दिखाया और बताया, "राष्ट्रपति मार्शल लॉ लागू कर रहे हैं." ली ने बताया, "मैंने जवाब दिया कि यह एक डीपफेक है. ऐसा हो ही नहीं सकता कि ये सच हो - यह कहते हुए कि वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई से बनाया गया होगा.
डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता ने बताया, "जब मैंने वो वीडियो देखा, तो राष्ट्रपति असल में मार्शल लॉ ही लागू कर रहे थे लेकिन फिर भी मैंने अपने मन में सोचा कि यह वीडियो फर्जी है." हालांकि, इसके एक घंटे के भीतर ही वह संसद पहुंचे और टेलीग्राम चैनल पर मैसेज के जरिए सभी सांसदों से संसद पहुंचने को कहा, और अपील की कि मार्शल लॉ को वापस लेने के लिए एक रिजॉल्यूशन पारित करना चाहिए.

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