
...जब टूटे जबड़े के बावजूद मैदान पर उतरा ये भारतीय खिलाड़ी, अब ऋषभ पंत ने दिखाया दम, जीत गया क्रिकेट
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ऋषभ पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट मैच में इंजरी के बावजूद बैटिंग की है. पंत ने पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले की याद दिला दी है, जिन्होंने एक बार टूटे जबड़े के बावजूद मैदान पर गेंदबाजी करने उतर गए थे.
भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला खेला जा रहा है. इस मुकाबले के दूसरे दिन (24 जुलाई) भारतीय टीम के उप-कप्तान ऋषभ पंत ने जो जज्बा दिखाया, उसकी खूब चर्चा हो रही है. ऋषभ पंत फ्रैक्चर के बावजूद बैटिंग करने उतरे और पहली पारी में 54 रन बनाए.
ऋषभ पंत को इस मुकाबले के पहले दिन चोट लग गई थी और उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा था. तेज गेंदबाज क्रिस वोक्स के खिलाफ पर रिवर्स स्वीप मारने की कोशिश में गेंद ऋषभ पंत के दाएं पैर के अंगूठे पर जोर से लगी थी. इसके चलते उनका अंगूठा फ्रैक्चर हो चुका है. जब ऋषभ पंत पहले दिन रिटायर्ड हर्ट हुए तब वो 37 रनों पर थे.
अब दूसरे दिन उन्होंने अपने खाते में 17 रन जोड़े. ऋषभ पंत ने इस दौरान एक पैर पर खड़े होकर बैटिंग की और जोफ्रा आर्चर की गेंद पर छक्का भी लगाया. पंत की बहादुरी की फैन्स और क्रिकेट विशेषज्ञ तारीफ कर रहे हैं. पंत ने पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले की याद दिला दी है, जिन्होंने एक बार टूटे जबड़े के बावजूद मैदान पर गेंदबाजी करने उतर गए थे.
कुंबले पट्टी बांधकर उतरे और लारा को किया आउट ये वाकया 2022 में वेस्टइंडीज के खिलाफ एंटीगा के सेंट जॉन्स में खेले गए टेस्ट मैच का है. कुंबले को उस मुकाबले में बैटिंग के दौरान तेज गेंदबाज मर्वन डिल्लन की गेंद लग गई थी. कुंबले ने खून बहने के बावजूद भारत की पहली पारी में 20 मिनट तक और बल्लेबाजी की. इसके बाद वेस्टइंडीज की पहली पारी में टूटे जबड़े के बावजूद अनिल कुंबले ने लगातार 14 ओवर डाले. तब कुंबले मुंह पर पट्टी बांधकर गेंदबाजी करने उतरे थे. कुंबले ने ब्रायन लारा का विकेट भी लिया. वो मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ, लेकिन कुंबले के उस जज्बे को आज भी भारतीय फैन्स भूले नहीं है.
...जब मैल्कम मार्शल ने इंग्लैंड को तहस-नहस कर डाला साल 1984 में वेस्टइंडीज के लिए इंग्लैंड दौरा काफी यादगार रहा था. तब क्लाइव लॉयड की कप्तानी वेस्टइंडीज ने मेजबान इंग्लैंड का 5-0 से सफाया किया था. उस दौरे का सबसे दिल छू लेने वाला लम्हा लीड्स में खेले गए तीसरे टेस्ट में देखने को मिला था, जब मैल्कम मार्शल ने बाएं हाथ में फ्रैक्चर के बावजूद तूफानी गेंदबाजी करके अपनी टीम को जीत दिलाई थी.
उस मुकाबले में इंग्लैंड की पहली पारी के 270 रनों के जवाब में वेस्टइंडीज की टीम मुश्किल में थी क्योंकि उसका स्कोर एक समय 206/7 था. फिर लैरी गोम्स ने माइकल होल्डिंग के साथ आठवें विकेट के लिए 82 रन जोड़े. होल्डिंग के आउट होने के बाद जोएल गार्नर का नंबर आया, लेकिन टीम के कुल स्कोर में दो रन और जुड़े थे कि वह रन आउट हो गए. गोम्स तब 96 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे. हालांकि फैन्स आश्चर्य में पड़ गए जब मैल्कम मार्शल बाएं अंगूठे में डबल फ्रैक्चर के बावजूद बैटिंग करने उतरे.













