
जंग और शांति में क्या चुनेगा ईरान? जिनेवा में अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता, किस देश को मिली जिम्मेदारी
ABP News
Iran America Nuclear Talk: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची अमेरिका के साथ वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड पहुंचे हैं. ये वार्ताएं क्षेत्र में बढ़ते तनाव और अमेरिका की सैन्य तैयारियों के बीच हो रही हैं.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची रविवार (15 फरवरी 2026) को तेहरान से जिनेवा के लिए रवाना हो गए. वहां अमेरिका के साथ ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अप्रत्यक्ष (इनडायरेक्ट) बातचीत का दूसरा दौर होगा. इससे पहले 6 फरवरी 2026 को ओमान ने मस्कट में पहले दौर की बातचीत भी होस्ट की थी. ईरान का कहना है कि वह एक नया परमाणु समझौता चाहता है, जो दोनों पक्षों को आर्थिक फायदे दे. ये वार्ताएं 2025 के मध्य में हुए 12 दिनों के संघर्ष के बाद हो रही हैं, जिसमें अमेरिका ने ईरानी परमाणु स्थलों पर बमबारी की थी.
बातचीत का फोकस किन मुद्दों पर होगा?
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, ईरानी विदेश मंत्रालय ने बयान देते हुए कहा कि अब्बास अरागची एक कूटनीतिक और तकनीकी दल के साथ जिनेवा जा रहे हैं. ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत मंगलवार यानी 17 फरवरी 2026 को होगी और इसमें ओमान मध्यस्थता (मीडिएशन) करेगा.
इस पूरी बातचीत का फोकस ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर है. ईरान का दावा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है, लेकिन वह यूरेनियम को 60% तक संवर्धित (एनरिच) कर रहा है, जो हथियार-ग्रेड (90%+) से सिर्फ एक छोटा कदम दूर है. इसे लेकर अमेरिका बेहद सख्त रुख अपना रहा है,













