
चिट्ठी, चैट, लाश के टुकड़े और कातिल की नोटबुक... अब खुलेंगे श्रद्धा वॉल्कर मर्डर केस के सारे राज
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ऐसा लग रहा है कि श्रद्धा मर्डर केस सुलझ गया है. दिल्ली पुलिस को सबूत मिल गए हैं. श्रद्धा के जिंदा लौट आने की उम्मीद खत्म हो गई है. आफताब ने ही किया था श्रद्धा का मर्डर. अदालत में जज के सामने आफताब ने किया कबूल. कहा- गुस्से में हो गया कत्ल.
Shraddha Walker Murder Case: श्रद्धा के जिंदा होने या लौट आने की तमाम उम्मीदें अब मुर्दा हो गई हैं. दिल्ली पुलिस ने पहली बार एक लिखित बयान के जरिए अदालत को बताया है कि उसने श्रद्धा की लाश के टुकड़ों की कुछ हड्डियां और जबड़े का कुछ हिस्सा बरामद कर लिया है. पुलिस ने अदालत को यह भी बताया कि आफताब के घर से एक नोटबुक बरामद हुई है. उस नोटबुक में आफताब ना सिर्फ लाश के टुकड़ों का हिसाब रख रहा था, बल्कि ये भी लिखता था कि उसने लाश के किस टुकड़े को कहां फेंका.
आफताब ने कबूल किया जुर्म अब ऐसा लगा रहा है कि श्रद्धा मर्डर केस सुलझ गया है. दिल्ली पुलिस को सबूत मिल गए हैं. श्रद्धा के जिंदा लौट आने की उम्मीद खत्म हो गई है. आफताब ने ही किया था श्रद्धा का मर्डर. अदालत में जज के सामने आफताब ने किया कबूल. कहा- गुस्से में हो गया कत्ल. वो नोट बुक में लिखता था लाश के टुकड़ों का हिसाब. नक्शा बना कर फेंकता था लाश के टुकड़े.
पुलिस ने कोर्ट को दी बरामदगी की जानकारी एक लेटर दिल्ली पुलिस ने साकेत कोर्ट में जज के सामने रखा. वो एक रिमांड लेटर था. दरअसल, मंगलवार को आफताब की पांच दिन की पुलिस हिरासत खत्म हो रही थी. लिहाजा पुलिस ने इस अर्जी के जरिए अदालत से आफताब की चार दिनों की और पुलिस हिरासत की मांग की. अगले चार दिनों के लिए आफताब की पुलिस हिरासत क्यों चाहिए, इसका जवाब पुलिस को अदालत में देना था. और इसी जवाब के साथ पुलिस ने पहली बार रिकॉर्ड पर ये कबूल किया कि श्रद्धा की लाश के टुकड़े, कुछ हड्डियां और जबड़े का कुछ हिस्सा पुलिस बरामद कर चुकी है.
फिर पुलिस हिरासत में आफताब बाकी बचे हिस्से और आरी को बरामद करने के लिए चार दिनों की रिमांड और चाहिए. अदालत ने दिल्ली पुलिस की इस अर्जी को मंजूर कर लिया और आफताब को चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया. दो किश्तों में पांच-पांच दिन की पुलिस हिरासत खत्म होने के बाद अब दिल्ली पुलिस के पास आफताब को अपनी हिरासत में रखने के लिए सिर्फ चार ही दिन बचे हैं. क्योंकि पुलिस हिरासत की मियाद 14 दिन ही होती है. हालांकि पिछली बार की तरह ही इस बार भी आफताब को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अदालत के सामने पेश किया गया था.
कबूलनामा और नोटबुक इसी पेशी के दौरान आफताब ने जज के सामने ये कबूल किया कि श्रद्धा का कत्ल उसी ने किया और ये कत्ल उसने गुस्से में अचानक किया था. हालांकि आफताब का ये इकरार-ए-जुर्म कहीं कोर्ट के रिकॉर्ड पर नहीं लिखा गया. रिमांड लेटर के जरिए दिल्ली पुलिस ने अदालत के सामने दो सनसनीखेज खुलासे किए. पहला ये कि आफताब के घर से एक रफ साइट प्लान मिला है. साथ ही एक नोट बुक भी मिला है. पुलिस के हाथ जो रफ साइट प्लान लगा है, उसमें कुछ नक्शे, ड्राइंग और जगहों के नाम लिखे हैं. इनमें महरौली के जंगल, मैदानगढ़ी, मैदानगढ़ी का तालाब, महरौली का सौ फुटा रोड और गुरुग्राम की डीएलएफ फेस-3 की कुछ जगहों के नाम लिखे हैं.
तालाब में सबूत की तलाश पुलिस को पुख्ता यकीन है कि आफताब ने इन्हीं जगहों पर श्रद्धा की लाश के टुकडे और हथियारों को ठिकाने लगाया है. इसी नक्शे के हाथ लगने के बाद पुलिस की टीम पहली बार महरौली से जंगल से निकल मैदानगढ़ी के तालाब तक पहुंची थी. तालाब में तलाशी का काम गोताखोरों की मदद से भी शुरू हो रहा है. रफ नक्शे में दिल्ली के अलावा गुरुग्राम की डीएलएफ फेस-3 का भी जिक्र है. पुलिस को शक है कि आफताब ने लाश के टुकड़े करनेवाली आरी और ब्लेड को गुरुग्राम में ही डीएलएफ फेस-3 की झाड़ियों में फेंका है. जबकि चापड़ महरौली के सौ फुटा रोड पर मौजूद एक कूडेदान में फेंका था. कत्ल के बाद श्रद्धा के कपड़े आफताब ने छतरपुर पहाड़ी के कूडा गाड़ी में फेंका था.

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