
चारों ओर जंग के बीच भी क्यों कुछ देश खुद को सुरक्षित मान रहे, क्या है ऑप्टिमिज्म बायस, अमीर देश जिसका शिकार?
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दुनिया के कई देशों में इस समय जंग छिड़ी हुई है. हालात इतने अस्थिर हैं कि परमाणु हमले की भी आशंका जोर पकड़ रही है. इस बीच बहुत से यूरोपियन देशों ने अपने नागरिकों के लिए सिविल प्रिपेयर्डनेस गाइडलाइन बना डाली ताकि इमरजेंसी में वे सुरक्षित रह सकें. इससे उलट कुछ देश ऐसे भी हैं, जिन्हें भरोसा है कि कोई भी लड़ाई छिड़ जाए, वे सेफ रहेंगे.
रूस-यूक्रेन से लेकर मिडिल ईस्ट में भारी लड़ाई चल रही है. यहां तक कि कई देशों के लीडर इतने आक्रामक हैं कि वे परमाणु हमले की भी धमकी दे रहे हैं. इस बीच ज्यादातर देश अपनी तैयारियां कर रहे हैं कि हालात बिगड़ जाएं तो उनके नागरिक सुरक्षित रह सकें. इसमें राशन-पानी और दवाओं का भंडार जमा करने से लेकर अंडरग्राउंड शेल्टर बनाना तक शामिल है. वहीं कई ऐसे भी देश हैं, जिन्हें भरोसा है कि जो भी हो लेकिन परमाणु युद्ध नहीं होगा.
मिडिल ईस्ट में इजरायल समेत लेबनान और ईरान भी लड़-भिड़ रहे हैं. हालांकि इजरायल के अलावा बाकी देश सीधे मोर्चे पर नहीं, लेकिन उनके मिलिटेंट ग्रुप ये काम कर रहे हैं. रूस और यूक्रेन की जंग तीन साल होने जा रहा है. अफ्रीकी देशों में गृह युद्ध जारी हैं. दूसरी तरफ नॉर्थ कोरिया अलग ही स्तर पर आक्रामकता दिखाता रहता है, खासकर अमेरिका के खिलाफ. कुल मिलाकर दुनिया में भारी राजनैतिक उठापटक जारी है.
इस बीच यूरोप अपनी तैयारी कर रहा है. जर्मन डिफेंस मिनिस्टर बोरिस पिस्टोरियस ने अपने लोगों को चेताया कि रूस की वजह से तीसरा विश्व युद्ध हो सकता है. बता दें कि रूसी लीडर व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन को लगातार न्यूक्लियर अटैक की धमकी दे रहे हैं. ये धमकियां तब और बढ़ गईं, जब अमेरिकी प्रेसिडेंट जो बाइडेन ने यूक्रेन को अपनी लॉन्ग-रेंज मिसाइल इस्तेमाल करने का अधिकार दे दिया. रूस और अमेरिका की दुश्मनी काफी पुरानी है. लिहाजा यूक्रेन को अमेरिकी मदद ने पुतिन का गुस्सा और बढ़ा दिया.
सितंबर में पुतिन ने चेतावनी दी थी कि अगर वेस्ट ने यूक्रेन को इस तरह की सहायता दी तो रूस मान लेगा कि नाटो देश उससे युद्ध चाहते हैं. इसके बाद ही जर्मन डिफेंस मिनिस्टर पिस्टोरियस ने अपने नागरिकों को चेतावनी दी कि रूस यूरोप के लिए खतरा हो सकता है. इसलिए ही उन्हें जल्द से जल्द अपनी तैयारियां कर लेनी चाहिए.
नॉर्वे, स्वीडन और फिनलैंड ने सिविल प्रिपेयर्डनेस गाइडलाइन बना ली है. इसमें जख्मी होने पर हल्के-फुल्के इलाज, खून रोकने की टेक्नीक के साथ ये भी बताया जा रहा है कि घबराहट पर कैसे काबू रखें. राशन, पानी, दवा और सैनिटरी पैड्स का भी स्टॉक रखने की बात हो रही है.

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