
गुजरात: शादी रजिस्टर करवाने के प्रस्तावित नए नियमों को लव मैरिज के लिए क्यों बताया जा रहा है ख़तरा
BBC
गुजरात सरकार मैरिज रजिस्ट्रेशन के नियमों में बदलाव करने जा रही है. कई लोगों का मानना है कि यह संविधान के ख़िलाफ़ है और कुछ लोग इसे विशेष धर्म और राजनीतिक फ़ायदे से जोड़ रह हैं और इससे बचने के उपाय भी बता रहे हैं.
गुजरात विधानसभा में उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने मैरिज रजिस्ट्रेशन कानून के संबंध में एक घोषणा की है, जिसके अनुसार राज्य सरकार 'गुजरात रजिस्ट्रेशन ऑफ़ मैरिज एक्ट 2006' में संशोधन करने जा रही है.
घोषणा के अनुसार, अब मैरिज रजिस्ट्रेशन के दौरान माता-पिता को सूचित किया जाएगा और इसके लिए एक अलग पोर्टल भी बनाया जाएगा.
राज्य के नागरिकों से इन नए नियमों के संबंध में अगले 30 दिनों तक आपत्तियाँ और सुझाव मंगवाए गए हैं. इसके बाद एक समिति का गठन किया जाएगा जो संवैधानिक सीमाओं के भीतर उचित सुझावों को ध्यान में रखते हुए इन्हें लागू करेगी.
मैरिज रजिस्ट्रेशन में कथित 'धोखाधड़ी' को रोकने के लिए लाए गए इन संशोधनों के संबंध में, उपमुख्यमंत्री ने कहा, "राज्य में विवाह पंजीकरण प्रक्रिया में कुछ 'कमियों' के कारण इसका 'दुरुपयोग' किया जा रहा है."
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हर्ष संघवी ने कहा, "गुजरात के पंचमहाल ज़िले में कई फर्जी शादियों के पंजीकरण के चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. पंचमहाल के कंकोडाकोई और नाथकुवा जैसे गांवों में, जहां एक भी मुस्लिम परिवार नहीं है, वहां गाँव के तलाटी (सचिव)-सह मंत्री ने सैकड़ों 'निकाह' प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं, जिनकी हमने गहन जांच कर के सख़्त कार्रवाई की है."
उन्होंने कहा, "असामाजिक तत्व अपनी असली पहचान छिपाकर राज्य की बेटियों को प्रेम के जाल में फंसाते हैं या बहलाते हैं."













