
गीतांजलि श्री की अनूदित पुस्तक अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार सूची में शामिल हिंदी की पहली रचना
The Wire
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से ताल्लुक रखने वाली लेखक गीतांजलि श्री का हिंदी से अंग्रेज़ी भाषा में अनूदित उपन्यास ‘टॉम्ब ऑफ सैंड’ विश्व की उन 13 पुस्तकों में शामिल है, जिसे अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार के लिए संक्षिप्त सूची में शामिल किया गया है. यह पुस्तक मूल रूप से हिंदी में ‘रेत समाधि’ के नाम से प्रकाशित हुई थी.
लंदन: लेखक गीतांजलि श्री का हिंदी से अंग्रेजी भाषा में अनूदित उपन्यास ‘टॉम्ब ऑफ सैंड’ विश्व की उन 13 पुस्तकों में शामिल है, जिसे अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार के लिए संक्षिप्त सूची में शामिल किया गया है. यह हिंदी भाषा में पहला ‘फिक्शन’ है, जो इस प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कार की दौड़ में शामिल है. Congratulations to Geetanjali Shree and @shreedaisy who have been longlisted with Tomb of Sand: https://t.co/7vN6uffORG #2022InternationalBooker #TombofSand #GeetanjaliShree #DaisyRockwell @TiltedAxisPress pic.twitter.com/UHWE77ehIY
गीतांजलि श्री की यह पुस्तक मूल रूप से हिंदी में ‘रेत समाधि’ के नाम से प्रकाशित हुई थी. इसका अंग्रेजी अनुवाद, ‘टॉम्ब ऑफ सैंड’, डेजी रॉकवेल ने किया है और जूरी सदस्यों ने इसे शानदार और अकाट्य बताया है, जो 50,000 पाउंड के लिए प्रतिस्पर्धा करेगा. पुरस्कार की राशि लेखक और अनुवादक के बीच विभाजित की जाएगी. — The Booker Prizes (@TheBookerPrizes) March 10, 2022
बुकर पुरस्कार की वेबसाइट पर की गई घोषणा में कहा गया है, ‘13 उपन्यासों की सूची घोषित की गई है. वे 11 भाषाओं से अंग्रेजी में अनूदित फिक्शन हैं और चार महाद्वीपों के 12 देशों से हैं. इसमें हिंदी से अनूदित पुस्तक पहली बार शामिल की गई है.’

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