
खाने में क्या लेंगे सर? जब एक वेटर ने क्लियर किया UPSC, बदल दी अपने बेहद गरीब परिवार की जिन्दगी
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UPSC की तैयारी करते वक्त अगर आपको भी लगने लगता है कि यह एग्जाम आपसे क्लियर नहीं हो पाएगा तो जरा ठहरिए, क्योंकि अगर हुनर और काबिलियत आपके पास है तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको कामयाब होने से रोक नहीं सकती. निराश या परेशान होने से पहले एक बार IAS की तैयारी कर सफलता पाने वाले जय गणेश की कहानी को पढ़िए, यकीन मानिए इससे आपको हौसला मिलेगा.
UPSC Success Story: अगर आपके मन में दृढ़ इच्छा और संकल्प हो तो आप मंजिल पाने के लिए हर मुश्किल को पार कर जाते हैं. यूपीएससी की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है. इस एग्जाम को क्लियर करके सिविल सर्विस में जाने की इच्छा हर उम्मीदवार के मन में होती है. तैयारी करते हुए मन में कई बार यह सवाल आता है कि क्या हम यह एग्जाम क्लियर कर पाएंगे? ऐसा इसलिए क्योंकि इस एग्जाम को पास करने वाले कैंडिडेट्स का प्रतिशत परेशान करता है.
अगर आप यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं और आपके मन में कभी यह सवाल आए तो बिल्कुल भी घबराएं नहीं. ऐसे में आपको उन टॉपर्स की कहानी प्रेरित करेगी, जिन्होंने जीवन की परेशानियों का सामने करते हुए इस कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की है, इनमें से एक हैं जयगणेश.
6 अटेंप्ट क्लियर होने के बाद भी नहीं निकला यूपीएससी
जयगणेश ने साल 2018 में अपने छटवें अटेंप्ट में यूपीएससी क्लियर किया था. पहला या दूसरा अटेंप्ट ना निकले तो कैंडिडेट्स परेशान हो जाते हैं, लेकिन हार मानना कोई ऑप्शन नहीं है. जयगणेश के भी छह अटेंप्ट नहीं निकले लेकिन फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और आखिर कार अपनी मंजिल हासिल कर ही ली. जयगणेश के पिता लेदर फैक्ट्री में सुपरवाइजर का काम कर हर महीने सिर्फ 4,500 तक ही कमा पाते थे. परिवार में अक्सर पैसों की कमी रहती थी. चार भाई-बहनों में जयगणेश सबसे बड़े थे ऐसे में बड़े होने के कारण घर खर्च की जिम्मेदारी भी उन पर ही थी. होटल में वेटर की नौकरी करके वह घर खर्च का पैसा जुटाया करते थे.
के. जयगणेश एक गरीब परिवार से थे. घर में इतनी गरीबी देखकर उन्हें हमे यही लगता रहा कि उन्हें कुछ ऐसा करना है जिससे उनका परिवार खुशी से रह सके. इसीलिए जयगणेश ने इस परीक्षा को क्लियर करने का सोचा. जरा सोचिए कि जयगणेश के पास इतने संसाधन नहीं थे कि वह महंगी कोचिंग करें, नई किताबें खरीदें, इतनी गरीबी के बीच मैनेज करके उन्होंने अपनी पढ़ाई की है. 6 बार एग्जाम में फेल होने के बाद भी उन्होंने यह नहीं सोचा कि यह सब छोड़कर कोई नौकरी कर लेनी चाहिए.
दोस्तों में सिर्फ गणेश ने हासिल किया है ये मुकाम

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