
क्राउन प्रिंस MBS बने सऊदी अरब के नए PM, अब और बदलेगा इस्लामिक देश?
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सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को सऊदी अरब का नया प्रधानमंत्री बनाया गया है. सऊदी क्राउन प्रिंस प्रधानमंत्री बनने के लिए अपने पिता किंग सलमान अल सऊद की जगह लेंगे. सऊदी अरब में अचानक हुए इस फैसले ने सभी चौंका दिया है. हालांकि, अभी किंग सलमान ही सभी बैठकों की अध्यक्षता करते रहेंगे.
सऊदी अरब के किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद ने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ( MBS) को देश का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया है. इससे पहले वे प्रधानमंत्री पद का कार्यभार खुद ही संभाल रहे थे. वहीं प्रिंस खालिद बिन सलमान सऊदी अरब के नए रक्षा मंत्री होंगे. सऊदी में अचानक हुए इस पावर ट्रांसफॉर्मेशन के पीछे कोई वजह नहीं बताई गई है. फिलहाल किंग सलमान ही कैबिनेट की सभी बैठकों की अध्यक्षता जारी रखेंगे.
मोहम्मद बिन सलमान का किंग सलमान की जगह प्रधानमंत्री बन जाना सऊदी के लिए कई मायनों में खास है, इसकी वजह उनकी देश की उदार छवि गढ़ने की कोशिशें हैं, जिनका असर साल 2017 में क्राउन प्रिंस बनने के बाद से लगातार दिखता भी आया है. पिछले कुछ सालों में मोहम्मद बिन सलमान ने कई ऐसे फैसले लिए हैं, जिनकी वजह से वे चरमपंथियों के निशाने पर भी रहे.
क्राउन प्रिंस बनने के बाद से ही मोहम्मद बिन सलमान सऊदी अरब के आंतरिक और विदेशी मामलों में अहम भूमिका निभाते रहे हैं, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठकर वह अपनी ताकत और अच्छे से इस्तेमाल करने की स्थिति में हो जाएंगे. मौजूदा समय में दुनिया के सबसे बड़े तेल के निर्यातक सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान तेल, रक्षा, आर्थिक नीति और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मामले देख रहे हैं.
MBS के पीएम बनने का इंटरनेशनल पहलू
क्राउन प्रिंस के प्रधानमंत्री बनने को लेकर वॉशिंगटन में सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के मिडिल ईस्ट प्रोग्राम के डायरेक्टर जॉन अल्टरमैन ने साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट से कहा कि एमबीएस के प्रधानमंत्री बनने से सऊदी में कोई बड़े नीतिगत बदलाव नहीं आएंगे. अल्टरमैन ने आगे कहा कि क्राउन प्रिंस को अगला किंग बनने के लिए इंतजार करवाने की जगह देश के प्रधानमंत्री का पद सौंपने के पीछे अंतराष्ट्रीय पहलू भी है.
मोहम्मद बिन सलमान क्राउन प्रिंस बनने के बाद से ही सऊदी अरब के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने में जुटे हुए हैं. इसका असर उस समय देखने को भी मिला जब साल 2018 में इस्तांबुल में हुई सऊदी पत्रकार जमाल खाशोगी की हत्या का आरोप होने के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की साल 2022 की सऊदी अरब यात्रा के मेजबान बने. इसके अलावा भी मोहम्मद बिन सलमान भारत समेत कई बड़े देशों से संबंध मजबूत करने के लिए कई कदम उठा रहे हैं.

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