
क्यों बढ़ रही हैं लैंडस्लाइड की घटनाएं? जानें क्या हैं इसके पीछे की बड़ी वजहें
Zee News
क्लाइमेट चेंज (Climate Change) और इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर पहाड़ों के दोहन की वजह से हिमाचल प्रदेश में इस बार पिछले वर्ष के मुकाबले लैंडस्लाइड की घटनाएं 116 प्रतिशत बढ़ गई हैं और बादल फटने की घटनाओं में 121 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.
नई दिल्ली: भारत एक तरफ तो पहाड़ों पर सुरंगें बना रहा है, लेकिन दूसरी तरफ ये पहाड़ लगातार कमजोर भी हो रहे हैं. इसी वजह से हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में जबरदस्त लैंडस्लाइड हुआ, जिसमें आठ मंज़िला एक इमारत देखते ही देखते मलबे के ढेर में तब्दील हो गई. भारी बारिश को देखते हुए शिमला नगर निगम ने 15 दिन पहले ही इस बिल्डिंग को खाली करने के निर्देश दे दिए थे, लेकिन इसमें रहने वाले लोगों को यही लगता रहा कि ये इमारत नहीं गिरेगी, लेकिन कुछ ही घंटे पहले पुलिस की मदद से सभी परिवारों को वहां से बाहर निकाला गया, जिसके बाद घटना हुई.
क्लाइमेट चेंज (Climate Change) और इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर पहाड़ों के दोहन की वजह से हिमाचल प्रदेश में इस बार पिछले वर्ष के मुकाबले लैंडस्लाइड की घटनाएं 116 प्रतिशत बढ़ गई हैं और बादल फटने की घटनाओं में 121 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. एनजीटी यानी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (National Green Tribunal) ने 6 साल पहले एक आदेश दिया था कि शिमला में लैंडस्लाइड के खतरे की वजह से कोई भी इमारत तीन मंजिल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, लेकिन 6 साल बाद आज भी शिमला में ज्यादातर इमारतें 5 से 12 मंजिल की हैं, जिससे बड़े हादसों का खतरा बना रहता है. हिमाचल सरकार ने खुद एनजीटी के इस आदेश को कोर्ट में चुनौती दी हुई है.
