
क्या गुवाहाटी में एडिलेड वाली हिस्ट्री रिपीट कर पाएगी टीम इंडिया? तब द्रविड़-लक्ष्मण ने पलट दिया था गेम
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भारतीय टीम ने दिसंबर 2003 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड टेस्ट मैच में ऐतिहासिक जीत हासिल की थी. उस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने 550 से ज्यादा रन बना दिए थे, लेकिन फिर टीम इंडिया का कमबैक देखने को मिला था.
भारत के खिलाफ गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे टेस्ट मैच में साउथ अफ्रीका ने पहली पारी में 489 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया. साउथ अफ्रीका के लिए सेनुरन मुथुसामी ने शानदार 109 रन बनाए. जबकि मार्को जानसेन के बल्ले से ताबड़तोड़ 93 रन निकले. साउथ अफ्रीका ने बड़ा स्कोर बनाकर मैच में अपनी स्थिति मजबूत की है.
भारतीय टीम के लिए गुवाहाटी टेस्ट मैच में जीत हासिल करना बेहद जरूरी है, नहीं तो वो सीरीज गंवा देगी. भारत को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में हुए टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में हार झेलनी पड़ी. यानी गुवाहाटी टेस्ट मैच ड्रॉ रहने पर भी साउथ अफ्रीका सीरीज अपने नाम कर लेगा.
गुवाहाटी टेस्ट में भारतीय टीम को पहली पारी में बड़ा स्कोर बनाना होगी, तभी वो मैच में कमबैक कर सकती है. टेस्ट इतिहास में सिर्फ एक बार ऐसा हुआ,जब विपक्षी टीम ने पहली पारी में 489 या उससे ज्यादा रन बनाए, लेकिन जीत भारतीय टीम की हुई. यह जीत दिसंबर 2003 ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड ओवल में आई थी.
द्रविड़-लक्ष्मण के बीच हुई थी ऐतिहासिक साझेदारी उस ऐतिहासिक टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया ने अपने कप्तान रिकी पोंटिंग (242) के दोहरे शतक की बदौलत पहली पारी में 556 रन बनाए थे. इसके बाद भारतीय टीम ने 523 रन बना दिए थे. यानी पहली पारी के आधार पर भारत सिर्फ 33 रनों से पिछड़ा था. भारत की ओर से राहुल द्रविड़ (233 रन) और वीवीएस लक्ष्मण (148 रन) ने यादगार इनिंग्स खेलीं. भारतीय टीम के 85 रनों पर ही चार विकेट गिर गए थे, फिर द्रविड़-लक्ष्मण ने पांचवें विकेट के लिए 303 रनों की साझेदारी करके मैच का रुख बदल दिया था.
इसके बाद तेज गेंदबाज अजीत अगरकर ने गेंद से कहर बरपाते हुए 6 विकेट झटके, जिसके चलते ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 196 रनों पर सिमट गई. भारत को 230 रनों का टारगेट मिला था, जिसे उसने 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया था. राहुल द्रविड़ ने भारत की दूसरी पारी में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए नाबाद 72* रन बनाए. अब भारतीय टीम एडिलेड ओवल में मिली उस जीत से प्रेरणा ले सकती है.
देखा जाए तो 400 या उसे ज्यादा रन खर्च के बावजूद भारत की आखिरी टेस्ट जीत 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई में आई थी. उस मैच में इंग्लैंड ने पहली पारी में 477 रन बनाए थे. जवाब में भारत ने 759/7d का पहाड़ सरीखा स्कोर खड़ा किया था. करुण नायर ने नाबाद 303 रन ठोके थे. दूसरी पारी में इंग्लैंड सिर्फ 207 रनों पर ढेर हुआ और भारत ने मुकाबला इनिंग्स और 75 रनों से जीत लिया था. रवींद्र जडेजा ने मुकाबले में कुल 10 विकेट झटके थे.

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