
'कुछ लोग अल्पसंख्यकों को डराने की राजनीति कर रहे हैं...' NCP के सम्मेलन में बोले अजित पवार
AajTak
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित पवार ने अपने अल्पसंख्यक कार्यकर्ताओं से कहा है कि जब तक वह हैं , तब तक उन्हें डरने की जरूरत नहीं है. पार्टी के अल्पसंख्यक सम्मेलन के दौरान अजित पवार ने कहा कि महाराष्ट्र में कानून के शासन का पालन किया जाएगा.
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मुखिया अजित पवार ने रविवार को नवी मुंबई के वाशी में पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित सम्मेलन को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं आपका भरोसा कभी नहीं तोड़ूंगा. पवार ने कहा कि एनसीपी सभी धर्मों के लिए काम कर रही है.
पवार ने कहा कि कुछ लोग अल्पसंख्यकों को डराने की राजनीति कर रहे हैं. उन्हें डरना नहीं चाहिए जब तक वह रहेंगे कानून का पालन होगा. पवार ने कहा, 'जब सतारा में दो समुदायों के बीच घटना हुई और एक मुस्लिम युवक की मौत हो गई, तो मैं व्यक्तिगत रूप से पीड़ित के घर गया और उसके परिवार से मिला. जब तक मैं यहां हूं, आपको डरने की जरूरत नहीं है. हम सभी कानून का पालन करते हैं. मैं आप सभी को बताना चाहता हूं कि महाराष्ट्र में कानून का शासन कायम रहेगा और किसी को भी अन्याय का सामना नहीं करना पड़ेगा. हर कोई जानता है कि मैं अपनी बात का पक्का आदमी हूं.'
यह भी पढ़ें: बारामती में अजित पवार के कैंडिडेट के साथ बहस करना चाहती हैं सुप्रिया सुले, NCP नेता के पत्नी के उतरने की है चर्चा
मीरा रोड की घटना का किया जिक्र
अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले जनवरी 2024 में मीरा रोड में हुई झड़प की घटना का जिक्र करते हुए पवार ने कहा, 'मीरा रोड में भी एक घटना हुई थी. मैंने तुरंत हस्तक्षेप किया और पुलिस आयुक्त से प्रतिनिधिमंडल से मिलने और हालात को सामान्य करने का आश्वासन देने को कहा. मैंने हमेशा कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम किया है… हमें हर समुदाय, हर धर्म के त्योहारों को खुशी और गर्मजोशी के साथ मनाना चाहिए.'
पवार ने राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ने का भी संकेत दिया. उन्होंने अपने उन कार्यकर्ताओं को भी भरोसा दिलाया जो एनसीपी और बीजेपी गठबंधन से सशंकित हैं. उन्होंने कहा, 'जब कांग्रेस और राकांपा एक साथ थे, तो वे लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ और स्थानीय निकाय चुनाव अलग-अलग लड़ते थे. स्थानीय निकाय चुनाव के दौरान राकांपा अलग तरह से सोच सकती है. इसलिए, कार्यकर्ताओं को चिंता नहीं करनी चाहिए.'

लेबनान के युद्ध क्षेत्र से रिपोर्टिंग करते हुए आज तक के वरिष्ठ पत्रकार अशरफ वानी ने बताया कि जंग सिर्फ गोलियों और धमाकों की नहीं, बल्कि डर, जिम्मेदारी और सच के बीच संतुलन की लड़ाई भी है. हर दिन मौत के साये में काम करते हुए उन्होंने तबाही, विस्थापन और इंसानी पीड़ा को करीब से देखा. ईद के दिन भी रिपोर्टिंग जारी रही. यह अनुभव सिर्फ कवरेज नहीं, बल्कि ऐसे सच का गवाह बनने की जिम्मेदारी थी- जहां हर पल जिंदगी और मौत के बीच फैसला लेना पड़ता है.

राजकोट में एक डॉक्टर ने साथी डॉक्टर के क्लिनिक में स्पाई कैमरा लगाकर 3 से 4 हजार निजी वीडियो रिकॉर्ड किए. आरोपी कमल नांढा पर एकतरफा प्यार में ऐसा करने और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर 25 लाख रुपये मांगने का आरोप है. पुलिस के अनुसार कुछ लोगों ने 50,000 रुपये वसूल भी किए. मामले में 12 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच और गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी है.

दिल्ली के उत्तम नगर में प्रदर्शन कर रहे हिंदूवादी संगठन के लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. दरअसल, होली के मौके पर हुई युवक की हत्या के विरोध में हिंदूवादी संगठन के लोग उत्तम नगर में इकट्ठा हुए थे. इस दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. ईद को देखते हुए पहले ही उत्तम नगर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है.

मथुरा में गोरक्षक फरसा बाबा की हत्या के आरोप के बाद दिल्ली-आगरा हाईवे पर भारी हंगामा हुआ. आरोप है कि बीती रात विख्यात गौ-सेवक चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा की गाड़ी से कुचलकर हत्या कर दी. फरसा बाबा की मौत की खबर फैसले ही लोगों की गुस्सा फूट पड़ा. दिल्ली-मथुरा हाईवे पर भारी हंगामा किया. देखें न्यूज बुलेटिन.

गुजरात के सूरत में घरेलू गैस (LPG) की भारी किल्लत और ब्लैक मार्केटिंग ने प्रवासी मजदूरों की कमर तोड़ दी है. उधना रेलवे स्टेशन पर बिहार और यूपी जाने वाले श्रमिकों की लंबी कतारें इस बात का सबूत हैं कि सरकारी दावों के उलट जमीनी हकीकत भयावह है. खाली चूल्हा और महंगी गैस मजदूरों को शहर छोड़ने पर मजबूर कर रही है.

तेलंगाना के हैदराबाद में दुखद घटना सामने आई है. यहां MBBS की पढ़ाई पूरी कर चुकी 23 साल की लड़की ने अपनी जिंदगी खत्म कर ली. पुलिस का कहना है कि उसने बीते तीन महीने से एक बिल्ली पाल रखी थी. इसको लेकर माता-पिता ने ऐतराज जताया था. इसी को लेकर घर में चल रहे विवाद के बीच लेडी डॉक्टर ने यह कदम उठा लिया, जिससे परिवार में मातम पसर गया है.







