
कश्मीरी पंडितों की मदद करेगी MP सरकार, जानिए क्या बोले गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा
AajTak
जो कश्मीरी पंडित अपने मूल स्थान जम्मू-कश्मीर में वापस जाकर बसना चाहते हैं, मध्य प्रदेश सरकार (MP Govt) उनकी मदद करेगी. यह बात आज मध्य प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कही. उन्होंने कहा कि जो कश्मीरी पंडित (Kashmiri Pandits) भाई-बहन जाना चाहते हैं, वे इस संबंध में गृह विभाग को सूचना दे सकते हैं.
मध्य प्रदेश (MP) के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (Home Minister Narottam Mishra) ने सोमवार को कहा कि अगर कश्मीरी पंडित (Kashmiri Pandits) अपने मूल स्थान जम्मू कश्मीर वापस जाना चाहते हैं तो प्रदेश सरकार विस्थापित कश्मीरी पंडितों की मदद करेगी. हालांकि, गृहमंत्री मिश्रा ने बात करते हुए इस बात का कोई डाटा साझा नहीं किया कि मध्य प्रदेश में कितने कश्मीरी पंडित रह रहे हैं.
एजेंसी के अनुसार, एक सवाल के जवाब में गृहमंत्री ने कहा कि मैं मध्य प्रदेश में रहने वाले कश्मीरी पंडित भाइयों और बहनों से अनुरोध करता हूं कि अगर वे वापस लौटना चाहते हैं तो वे गृह विभाग को सूचित करें. हम उनकी वापसी सुनिश्चित करेंगे और व्यवस्था करेंगे. कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा की टिप्पणी कि वह हिंदी फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' नहीं देखेंगे, क्योंकि वह विस्थापित लोगों का दर्द जानते हैं, इसके सवाल पर मिश्रा ने कहा कि जो कश्मीर वापस जाना चाहते हैं, मैं तन्खा से ऐसे कश्मीरी पंडितों (Kashmiri Pandits) की एक सूची देने करने का अनुरोध करूंगा.
मुख्यमंत्री शिवराज ने 'संग्रहालय' के लिए जमीन देने का किया था वादा पिछले हफ्ते MP के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में 'संग्रहालय' स्थापित करने के लिए 'द कश्मीर फाइल्स' के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री को जमीन देने का वादा किया था, यह कहते हुए कि फिल्म विस्थापित कश्मीरी पंडित समुदाय के दर्द और पीड़ा को दिखाती है. हालांकि कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने ऐसे संग्रहालय का विरोध करते हुए कहा था कि वह भोपाल के सांप्रदायिक सौहार्द को खराब नहीं होने देंगे. अग्निहोत्री की फिल्म ने कश्मीर घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन को लेकर एक बहस छेड़ दी है.

वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर पुनरुद्धार कार्य के दौरान ऐतिहासिक चबूतरे और अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को बुलडोजर से ढहाए जाने के बाद लोगों के गुस्सा फूट पड़ा है. हालांकि, वाराणसी के मेयर और क्षेत्रीय विधायक ने मणिकर्णिका घाट पहुंचे इस मामले पर सफाई भी दी है. इसी बीच सूबे के मुख्यमंत्री योगी भी वारासणी पहुंच गए हैं.

AAP की नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी पर सिख गुरुओं के अपमान का मामला तेजी से बढ़ता जा रहा है. दिल्ली विधानसभा की ओर से आतिशी को नोटिस जारी किया गया है और उनसे 19 जनवरी तक लिखित जवाब मांगा गया है. स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष आतिशी का वीडियो जांच के लिए फॉरेंसिक लेबोरेटरी (FSL) को भेजा गया था. अब FSL की रिपोर्ट आ चुकी है, जिसके आधार पर नोटिस दिया गया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से पश्चिम बंगाल और असम के दो दिवसीय दौरे पर हैं. इस दौरे के दौरान वे रेलवे, सड़क निर्माण, और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे. पहले दिन, नरेंद्र मोदी मालदा रेलवे स्टेशन से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हावड़ा और गुवाहाटी (कामाख्या) मार्ग पर वर्चुअल तरीके से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे.

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में एक युवती के अपहरण का मामला सामने आया है. कार सवार कुछ युवक इस वारदात को अंजाम देने वाले थे. पूरी घटना इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका फुटेज अब सामने आया है. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और अपहरण में शामिल कार सवार चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया.

नेशनल स्टार्टअप डे के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश के युवा इनोवेटर्स से मुलाकात की. ये कार्यक्रम 'स्टार्टअप इंडिया' के दस साल पूरे होने पर आयोजित किया गया. भारत दुनिया के स्टार्ट अप का थर्ड लार्जेस्ट इको सिस्टम बन गया है. 10 साल पहले देश में 500 से भी कम स्टार्टअप थे, लेकिन आज 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप है. मोदी ने कहा कि अब अगले 10 साल का लक्ष्य दुनिया का नेतृत्व करना होना चाहिए. देखें गुजरात आजतक.

देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन हावड़ा से कामाख्या (गुवाहाटी) के बीच 958 किलोमीटर लंबे रूट पर चलेगी. इस ट्रेन में रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन (RAC) की सुविधा नहीं होगी यानी सिर्फ कन्फर्म टिकट ही मिलेगा. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लंबी दूरी की यात्रा के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया है. जिसमें यात्रियों को प्रीमियम सुविधाएं मिलेंगी.







