
'कमला हैरिस के साथ दोबारा बहस नहीं करूंगा...', ऐसा क्यों बोले डोनाल्ड ट्रंप?
AajTak
US राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट करते हुए कहा, "हैरिस द्वारा एक और बहस के लिए गुजारिश करने से संकेत मिलता है कि वह मंगलवार को अपनी बहस हार चुकी हैं और अब वह अपनी स्थिति सुधारने के लिए दूसरा मौका चाहती हैं."
अमेरिका (USA) में राष्ट्रपति चुनाव की तैयारियां चरम पर हैं. पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने गुरुवार को ऐलान किया कि वह 5 नवंबर के चुनाव से पहले उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के साथ किसी और बहस में हिस्सा नहीं लेंगे. अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में, ट्रंप ने जोर देकर कहा, "हैरिस द्वारा एक और बहस के लिए गुजारिश करने से संकेत मिलता है कि वह मंगलवार को अपनी बहस हार चुकी हैं और अब वह अपनी स्थिति सुधारने के लिए दूसरा मौका चाहती हैं."
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा कि मतदान सर्वेक्षणों से साफ है कि मैंने मंगलवार रात डेमोक्रेट्स की कट्टरपंथी वामपंथी उम्मीदवार कॉमरेड कमला हैरिस के खिलाफ बहस जीती है और उन्होंने तुरंत दूसरी बहस के लिए कहा. अब कोई तीसरी बहस नहीं होगी. अपने पिछले मुकाबलों का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि जून में राष्ट्रपति जो बाइडेन के खिलाफ पहली बहस हुई, उसके बाद मंगलवार को कमला हैरिस के साथ बहस हुई.
डोनाल्ड ने अपनी जीत का सुझाव देने वाले अनाम सर्वेक्षणों का हवाला दिया, जबकि मुख्यधारा के मीडिया आउटलेट द्वारा किए गए सर्वे में एक अलग कहानी बताई जा रही है. CNN के एक सर्वे में पाया गया कि 63 फीसदी दर्शकों का मानना था कि हैरिस जीत गईं, जबकि 37 फीसदी ने ट्रंप का पक्ष लिया. इसी तरह, YouGov के एक सर्वे ने संकेत दिया कि 43 फीसदी लोगों ने सोचा कि हैरिस ने ट्रंप से बेहतर प्रदर्शन किया है, 28 फीसदी ने पूर्व राष्ट्रपति का समर्थन किया और 30 फीसदी ने बीच का रास्ता चुना.
यह भी पढ़ें: बाइडेन-ट्रंप वाला नहीं हुआ हाल... 76 दिन में 2 डिबेट और कमला हैरिस ने ऐसे बदल दिया गेम!
हैरिस ने जुटाए 47 मिलियन डॉलर का फंड
कमला हैरिस ने बहस के बाद बने माहौल का फायदा उठाते हुए दावा किया कि मंगलवार की बहस के 24 घंटे के अंदर ही उन्होंने 47 मिलियन अमेरिकी डॉलर जुटा लिए थे. हैरिस द्वारा अपनी उम्मीदवारी के ऐलान के बाद से यह सबसे मजबूत फंडरेजिंग परफॉर्मेंस है.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

कोलंबिया और वेनेज़ुएला की सीमा के पास एक जेट विमान अचानक लापता हो गया. यह विमान फ्लाइट नंबर NSE 8849 थी जो कुकुटा से ओकाना की ओर जा रही थी. इस विमान ने सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिंग से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. राडार से इस विमान का अचानक गायब होना चिंता का विषय है.

वेनेजुएला में मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब डॉनल्ड ट्रंप का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। कूटनीति के गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप के मुंह 'खून लग गया है' और अब उनकी नज़रें क्यूबा और ईरान पर टिक गई हैं... और अब वो कह रहे हैं- ये दिल मांगे मोर...। ट्रंप की रणनीति अब सिर्फ दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सीधे सत्ता परिवर्तन के खेल में उतर चुके हैं। क्या क्यूबा और ईरान ट्रंप की इस 'मोमेंटम' वाली कूटनीति का मुकाबला कर पाएंगे?








