
कभी बैट के लिए मां ने बेचे थे गहने, सकीबुल गनी ने जड़ दिया सबसे तेज शतक, विजय हजारे में लगाए 12 छक्के
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बिहार के कप्तान सकीबुल गनी ने विजय हजारे ट्रॉफी में 32 गेंदों में शतक लगाकर इतिहास रच दिया. मोतिहारी से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने वाले सकीबुल का सफर संघर्षों से भरा रहा है, जहां उनकी मां ने गहने गिरवी रखकर उनका सपना जिंदा रखा. आज वह अपने दमदार प्रदर्शन से भारतीय क्रिकेट का उभरता सितारा बन चुके हैं.
बिहार के कप्तान सकीबुल गनी की क्रिकेट जर्नी भी किसी ब्लॉकबस्टर फिल्म से कम नहीं है. गनी ने बुधवार को विजय हजारे ट्रॉफी में ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसने पूरे भारतीय क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. बुधवार को रांची के जेएससीए ओवल ग्राउंड पर अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ खेले गए मुकाबले में सकीबुल गनी ने महज 32 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास रच दिया. इसके साथ ही वह विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में सबसे तेज़ शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज़ बन गए.
लेकिन ये पहली बार नहीं है जब सकीबुल गनी का नाम सुर्खियों में है. इससे पहले भी गनी कई इतिहास रच चुके हैं. लेकिन तमाम तूफानी रिकॉर्ड्स के बाद भी गनी को अबतक आईपीएल में मौका नहीं मिल सका है.
गनी ने 32 गेंदों में लगाया शतक
सकीबुल गनी ने बुधवार को अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ केवल 40 गेंदों में नाबाद 128 रन बनाए. उनकी विस्फोटक पारी में 10 चौके और 12 छक्के शामिल रहे. 26 वर्षीय गनी ने यह रिकॉर्ड बनाकर ईशान किशन का पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने इसी टूर्नामेंट में कर्नाटक के खिलाफ 33 गेंदों में शतक लगाया था. गनी की इस तूफानी पारी ने दर्शकों और क्रिकेट विशेषज्ञों को हैरान कर दिया.
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गनी लिस्ट ए के इतिहास में सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय हैं. वहीं दुनिया में वो मैकगर्क और डिविलियर्स के बाद तीसरे खिलाड़ी हैं जिन्होंने सबसे तेज शतक लगाया है.

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












