कन्हैयालाल की अस्थियों को इंसाफ का इंतजार... जिस हत्याकांड ने हिला दिया था पूरा देश, जानें अब तक उसमें क्या हुआ
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28 जून 2022 का वो दिन जब राजस्थान के उदयपुर में एक टेलर की दो लोगों ने बेरहमी से हत्या कर डाली थी. फिर सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर हत्या की बात भी कबूल की थी. ये एक ऐसा केस था जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था. आज कन्हैयालाल की हत्या को पूरा एक साल हो चुका है. दोनों आरोपी जेल में बंद हैं लेकिन अभी तक यह केस कोर्ट में चल रहा है. चलिए जानते हैं कन्हैयालाल हत्याकांड की पूरी कहानी विस्तार से...
राजस्थान का उदयपुर शहर... यहां मालदास स्ट्रीट में एक छोटी सी दुकान है. नाम सुप्रीम टेलर्स. इस दुकान के मालिक थे 40 साल के कन्हैयालाल. एक साधारण से टेलर जो कपड़े सिलकर अपना परिवार पाल रहे थे. घर में एक बीवी और दो बेटे. दोनों बेटे पढ़ाई करते हैं. जबकि, पत्नी हाउसवाइफ है. कन्हैयालाल की जिंदगी अच्छी चल रही थी. फिर दिन आया 10 जून 2022 का.
इस दिन दो शख्स उनकी दुकान में आए. मोहम्मद रियाज़ अंसारी और मोहम्मद गौस. रियाज़ अंसारी भीलवाड़ा का रहने वाला है. जबकि, मोहम्मद गौस उदयपुर का ही रहने वाला है. दोनों ने कन्हैयालाल से उनका मोबाइल मांगा. कहा कि उन्हें किसी को फोन करना है. कन्हैयालाल ने भी उन्हें मोबाइल दे दिया.
दरअसल, उन दोनों को कोई फोन नहीं करना था. बल्कि, कन्हैयालाल का सोशल मीडिया अकाउंट चेक करना था. दरअसल, उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट देखी थी जो कि कन्हैया के मोबाइल फोन से की गई थी. उस पोस्ट में बीजेपी नेता नुपुर शर्मा का समर्थन किया था. बता दें, नुपुर ने कुछ दिन पहले पैगंबर मोहम्मद को लेकर एक विवादित टिप्पणी की थी. जिसके चलते बाद में उन्होंने माफी भी मांगी थी और बीजेपी ने उन्हें अपनी पार्टी से भी निकाल दिया था.
कन्हैयालाल को धमकाने आए थे दोनों लेकिन नुपुर के उस बयान पर कई लोगों ने उनका समर्थन किया था तो कई लोगों ने उनका विरोध. इसी को लेकर कन्हैयालाल के फोन से भी सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई थी, जिसमें नुपुर का समर्थन किया गया था. जैसे ही रियाज़ और गौस को उस पोस्ट के बारे में पता चला तो वे कन्हैया को धमकी देने के लिए ही वहां आए थे.
उन्होंने कन्हैयालाल के फोन पर उस पोस्ट को खोला और डिलीट किया. फिर कन्हैयालाल को वार्निंग देते हुए कहा कि अब दोबारा ऐसा मत करना. कन्हैयालाल ने उन्हें कहा कि वो तो मोबाइल चलाना अच्छे जानते ही नहीं है. उनका बेटा ही गेम खेलने के लिए ये मोबाइल इस्तेमाल करता है. हो सकता है बेटे ने नादानी में वो पोस्ट डाल दी हो.
रियाज़ और गौस ने कन्हैयालाल की बात को अनसुना करते हुए कहा कि हम कुछ नहीं जानते. बस जो भी पोस्ट की गई थी वो तुम्हारे ही फोन से की गई थी. इसलिए दोबारा ऐसा नहीं होना चाहिए. फिर वे दोनों वहां से चले गए.

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