
कनाडा-अमेरिका बॉर्डर पर 4 भारतीयों की -35 डिग्री में जमकर मौत, विदेश मंत्री ने राजदूतों से तलब की रिपोर्ट
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मैनटोबा रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस के मुताबिक 11 घंटे पैदल चल कर बॉर्डर के पास पहुंचे ये सभी लोग -35 तापमान और तेज़ बर्फ़ीली हवा का शिकार हुए हैं. वहीं चर्चा में आने के बाद अब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मौत पर दुख जताते हुए कनाडा और अमेरिका में भारत के राजदूतों से जानकारी मांगी है. इस मामले में उन्होंने एक ट्वीट भी किया है.
अमेरिका-कनाडा के बॉर्डर (America-Canada Border) से एक दुखद खबर सामने आई. जानकारी के मुताबिक, यहां भारी ठंड में जमकर (Exposure to Cold Weather) 4 भारतीयों की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि ये सभी मानव तस्करी का शिकार होकर बॉर्डर पर पहुंचे थे. मैनटोबा रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने गुरुवार को बताया कि एमर्सन के पास अमेरिका-कनाडा बॉर्डर पर कनाडा की तरफ बुधवार को चार शव मिले, जिसमें एक नवजात भी शामिल है. पुलिस के मुताबिक 11 घंटे पैदल चल कर बॉर्डर के पास पहुंचे ये सभी लोग -35 तापमान और तेज़ बर्फ़ीली हवा का शिकार हुए हैं. वहीं चर्चा में आने के बाद अब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मौत पर दुख जताते हुए कनाडा और अमेरिका में भारत के राजदूतों से जानकारी मांगी है. इस मामले में उन्होंने एक ट्वीट भी किया है. Shocked by the report that 4 Indian nationals, including an infant have lost their lives at the Canada-US border. Have asked our Ambassadors in the US and Canada to urgently respond to the situation.

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि ईरान ने उन पर हमला किया या उनकी हत्या की साज़िश रची, तो अमेरिका ईरान को पूरी तरह से दुनिया के नक्शे से मिटा देगा. यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है. ट्रंप की इस धमकी ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. ऐसे हालात में दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

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ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे यूरोप से प्यार है लेकिन वह सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. दुनिया हमें फॉलो कर बर्बादी के रास्ते से बच सकती है. मैंने कई मुल्कों को बर्बाद होते देखा है. यूरोप में मास माइग्रेशन हो रहा है. अभी वो समझ नहीं रहे हैं कि इसके क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं. यूरोपीयन यूनियन को मेरी सरकार से सीखना चाहिए.

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