
एस्ट्रोनॉट कैसे बन सकते हैं और इसके लिए क्या पढ़ाई करनी होती है?
BBC
शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष जाने वाले दूसरे भारतीय हैं. हालांकि, वह कमर्शियल मिशन के तहत स्पेस गए थे. मगर भारत में एस्ट्रोनॉट बनने का रास्ता क्या है?
सुनीता विलियम्स और शुभांशु शुक्ला.
दो ऐसे नाम, जो सामने आते हैं तो आसमान दिखने लगता है. और उस आसमान को छूने की चाहत भी हक़ीक़त सी लगने लगती है.
साथ ही ये सवाल भी तैरने लगता है कि क्या हम भी अंतरिक्ष तक पहुंच सकते हैं?
अंतरिक्ष यात्री या एस्ट्रोनॉट किसी भी ह्यूमन स्पेस मिशन की सबसे अहम कड़ी होते हैं.
शुभांशु शुक्ला ने भारतीय वायुसेना की कॉकपिट से लेकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) तक का सफ़र तय किया.
वहीं सुनीता विलियम्स की यात्रा एक नेवी पायलट के रूप में शुरू हुई थी, जो उन्हें नासा और फिर आईएसएस तक लेकर गई.
ज़ाहिर है, दिमाग़ में सवाल आ सकता है कि क्या अंतरिक्ष तक पहुंचने का रास्ता सिर्फ़ सेना से होकर ही जाता है?













