
ऋषि सुनक को पुतिन ने नहीं दी PM बनने की बधाई, कहा- ब्रिटेन को दोस्त नहीं मानता रूस
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भारतवंशी ऋषि सुनक ने प्रधानमंत्री बनकर ब्रिटेन में इतिहास रच दिया है. कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों और प्रधानमंत्रियों ने उन्हें पीएम बनने की बधाई दी लेकिन रूस ने उन्हें बधाई नहीं दी. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने साफ कह दिया कि वह ब्रिटेन से बेहतर संबंध की उम्मीद नहीं करते हैं. वह ब्रिटेन को अपना मित्र देश नहीं मानते हैं.
भारतवंशी ऋषि सुनक को ब्रिटेन का प्रधानमंत्री बनने पर जहां दुनियाभर से बधाइयां मिल रही हैं, वहीं रूस ऐसा देश है, जिसने उन्हें बधाई नहीं दी. क्रेमलिन ने बुधवार को बयान जारी करते हुए कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के रूप में चुने जाने पर ऋषि सनक को इसलिए बधाई नहीं दी क्योंकि रूस ब्रिटेन को अपना मित्र देश नहीं मानता है.
वहीं एक दिन पहले ऋषि सुनक ने अपना कार्यभार संभालते ही यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की से फोन पर बात की थी. इस पर क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेसकोव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि कोई प्रधानमंत्री बने इससे हमें क्या, हम ब्रिटेन से बेहतर संबंध की उम्मीद नहीं कर सकते. रूस ने आगे कहा कि रूस को निकट भविष्य में ब्रिटेन के साथ किसी भी तरह का रचनात्मक संबंध बनाने के लिए कोई भी ऐसी ‘पूर्व शर्त, आधार या आशा’ नहीं दिखाई दे रही है.
बाइडन ने सुनक को बधाई दी, रूस-यूक्रेन संघर्ष पर चर्चा की
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने ऋषि सुनक को मंगलवार को फोन कर प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी. पीटीआई के मुताबिक व्हाइट हाउस ने बातचीत को लेकर बताया कि दोनों नेताओं ने यूक्रेन को समर्थन देने, रूस को उसकी आक्रामकता के लिए जिम्मेदार ठहराने, चीन से मिल रही चुनौतियों से निपटने और सतत एवं किफायती ऊर्जा संसाधनों को सुरक्षित रखने के लिए मिलकर काम करने की अहमियत पर सहमति जताई.
सुनक ने फोन पर हुई बातचीत के बाद कहा कि अमेरिका और ब्रिटेन सबसे निकट सहयोगी हैं. उन्होंने ट्वीट किया,‘मैं दुनियाभर में स्थिरता बढ़ाने और यूक्रेन के लोगों को समर्थन देने में हमारी अग्रणी भूमिका को जारी रखने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति के साथ मिलकर काम करने का इच्छुक हूं.’
पीएम मोदी का सुनक के लिए ट्वीट- ...मिलकर करेंगे काम

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान वार्ता का दावा फर्जी बताया. उनका कहना है कि यह वित्तीय और तेल बाजार को प्रभावित करने और अमेरिका-इजरायल की रणनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए फैलाया गया. ईरान ने किसी भी वार्ता की पुष्टि से इनकार किया.

वेस्ट एशिया में छिड़े युद्ध में आज अमेरिका की तरफ से ऐसे संकेत आए हैं कि जैसे अमेरिका ईरान के सामने थोड़ा झुका हो. अमेरिका ने ईरान के एनर्जी और पावर प्लांट पर हमलों को फिलहाल टाल दिया है. लेकिन सवाल है कि क्यों? अमेरिका और इजरायल का गठबंधन युद्ध के 24 दिनों के बाद भी ईरान को पूरी तरह से झुका नहीं पाया है. शुरुआत में भले ही अमेरिका इजरायल को कामयाबी मिली हो. लेकिन अब तो ऐसा लग रहा है कि जैसे ईरान ने अपने ताकतवर बम युद्ध के इस हिस्से के लिए बचाकर रखे हों. इजरायल के न्यूक्लियर प्लांट तक ईरान के बम गिर रहे हैं. इजरायल का वर्ल्ड क्लास एयर डिफेंस सिस्टम फेल क्यों हो गया.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.






