
इजरायल ने ईरान पर अटैक को दिया Days of Repentance का नाम, कहा- हमारा मकसद पूरा, अब बात आगे बढ़ाई तो...
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आईडीएफ प्रवक्ता ने हमले की जानकारी देते हुए कहा कि कुछ समय पहले, आईडीएफ ने ईरान के कई क्षेत्रों में सैन्य ठिकानों पर हमला किया और हमारे सभी विमान सुरक्षित अपने बेस पर लौट आए हैं. यह हमला हाल के महीनों में इजराइल और उसके नागरिकों के खिलाफ ईरानी हमलों के जवाब में किया गया था. उन्होंने बताया कि जवाबी हमला पूरा हो गया है और उद्देश्य पूरा कर लिया गया है.
इजरायली सेना आईडीएफ ने ईरान के खिलाफ शनिवार तड़के किए गए हमले को 'ऑपरेशन डेज ऑफ रिपेंटेंस' (पछतावे के दिन) नाम दिया है. इजरायल ने ईरान के कई शहरों में रॉकेट बरसाए हैं. हालांकि, इजरायल ने बताया कि उसने ईरान की आम जनता को कोई नुकसान न पहुंचाते हुए सिर्फ सैन्य ठिकानों को ही निशाना बनाया है. हालांकि ईरान ने स्वीकार किया है कि इजरायली हमले में उसके दो सैनिक मारे गए हैं.
क्या होता है 'डेज ऑफ रिपेंटेंस' का मतलब?
यहूदी धर्म में 'डेज ऑफ रिपेंटेंस' का इस्तेमाल रोश हशाना (Rosh Hashanah) और योम किप्पुर (Yom Kippur) के बीच के 10 दिनों के लिए किया जाता है, जिन्हें पश्चाताप के दस दिनों के रूप में जाना जाता है. इस अवधि के दौरान, लोगों को अपने कर्मों पर विचार करने, उन्हें सुधारने और सच्चाई के मार्ग पर लौटने के लिए कहा जाता है, जो प्रायश्चित के दिन योम किप्पुर की ओर ले जाते हैं.
यहूदी परंपरा में, इन दिनों को एक अवसर के रूप में देखा जाता है जब 'स्वर्ग के द्वार' खुले होते हैं और लोगों के पास अपनी गलतियों के लिए माफी मांगने और खुद को सही रास्ते पर लाने का एक मौका होता है. इन 10 दिनों के नाम पर इस ऑपरेशन का नाम रखकर इजरायल राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और जवाबदेही के महत्व को दिखा रहा है.
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'हमारा उद्देश्य पूरा हुआ'

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