
इजरायल की राजधानी तेल अवीव में सड़कों पर उतरे लोग, हमास को लेकर सरकार से की ये मांग
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गाजा युद्ध तब शुरू हुआ था, जब चरमपंथी समूह हमास के लड़ाकों ने 7 अक्टूबर, 2023 को इजराइल पर हमला किया, जिसमें लगभग 1200 लोग मारे गए और 252 अन्य का अपहरण कर लिया गया. इजराइली आंकड़ों के अनुसार, बंधक बनाए गए नागरिकों में से 133 अब भी गाजा में हमास की कैद में हैं.
सैकड़ों इजरायली सोमवार शाम को तेल अवीव की सड़कों पर उतर आए और हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों के परिवारों के साथ मिलकर सरकार से उनकी रिहाई के लिए इस्लामिक समूह के साथ युद्धविराम समझौते को स्वीकार करने की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने तेल अवीव में मुख्य सड़कों को अवरुद्ध कर दिया. प्रदर्शनकारियों का पुलिस के घुड़सवार दस्ते से झड़प भी हुई, जिन्होंने उन्हें राजमार्ग पर आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की.
इससे पहले फिलिस्तीनी चरमपंथी समूह हमास ने मिस्त्र-कतर की ओर से दिया गया युद्धविराम प्रस्ताव स्वीकार कर लिया. बता दें कि हमास गाजा पट्टी पर शासन करता है. इस चरमपंथी समूह ने 7 अक्टूबर, 2023 को इजरायल पर एक अभूतपूर्व हमला किया था, जिसके बाद इजरायल ने गाजा में जवाबी कार्रवाई शुरू की जो अब तक जारी है. इजरायल ने मिस्त्र-कतर की ओर से पेश युद्धविराम प्रस्ताव पर सहमत होने से इनकार कर दिया और कहा कि इसकी शर्तें उसकी मांगों को पूरा नहीं करती हैं.
राफा में ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी में इजरायल
सात महीने से चल रहे गाजा युद्ध में यह घटनाक्रम तब आया जब इजरायली सेना ने राफा में ग्राउंड ऑपरेशन शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली. उसने राफा के निवासियों से शहर खाली करने को कहा. बता दें कि गाजा का यह दक्षिणी हिस्सा 10 लाख से अधिक विस्थापित फिलिस्तीनियों की शरणस्थली रही है. इजरायली प्रधानमंत्री के कार्यालय ने एक बयान में कहा, 'हम संघर्ष विराम समझौते पर बातचीत करने के लिए अपने मध्यस्थों को भेजेंगे, क्योंकि हमास की ओर से आया प्रस्ताव इजरायल की आवश्यकताओं को पूरा नहीं करता है.'
गाजा युद्ध तब शुरू हुआ था, जब चरमपंथी समूह हमास के लड़ाकों ने 7 अक्टूबर, 2023 को इजराइल पर हमला किया, जिसमें लगभग 1200 लोग मारे गए और 252 अन्य का अपहरण कर लिया गया. इजराइली आंकड़ों के अनुसार, बंधक बनाए गए नागरिकों में से 133 अब भी गाजा में हमास की कैद में हैं. गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इजरायल की जवाबी कार्रवाई में अब तक 34,600 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक हमास एक प्रस्ताव पर सहमत हुआ है, जिसमें युद्धविराम के साथ-साथ गाजा का पुनर्निर्माण, विस्थापितों की वापसी और कैदियों की अदला-बदली का समझौता शामिल है. हमास के सदस्य युद्धविराम समझौते और उसके बाद के कदमों के बारे में आगे की चर्चा के लिए मिस्र जाने का भी इरादा रखते हैं. एक इजरायली अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि हमास ने मिस्र के एक 'नरम' प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, ऐसा प्रतीत होता है कि यह 'तेल अवीव को समझौते से इनकार करने वाले पक्ष की तरह दिखाने की एक चाल है'.

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