
इजरायली हमले से दहला गाजा, 70 फिलिस्तीनियों की मौत, हमास ने भी दागे रॉकेट
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गाजा के खान यूनिस पर इजरायल ने बड़ा हमला किया है. इस हमले में 70 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं. ये हमला उस वक्त हुआ जब इजरायल के नए आदेश के बाद फिलिस्तीनी खान यूनिस से निकर रहे थे. हमास ने भी इजरायल पर रॉकेट दागे हैं.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के अमेरिकी दौरे के बीच आईडीएफ ने गाजा पर बड़ा हमला किया है. इजरायली सेना ने खान यूनिस इलाके में भीषण बमबारी की है, जिसमें 70 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई. करीब सैकड़ों लोग घायल हुए हैं, जिन्हें फौरन इलाज के लिए नासिर अस्पताल लाया गया. ये हमला उस वक्त किया गया, जब इजरायल के नए आदेश के बाद सैकड़ों लोग खान यूनिस से निकल रहे थे.
दक्षिणी गाजा के खान यूनिस में स्थित नासिर अस्पताल के बाहर शव ही शव नजर आ रहे हैं. इनमें मासूम बच्चे और महिलाएं बुजुर्ग महिलाओं के शव भी शामिल हैं. नासिर अस्पताल के डॉ. मोहम्मद साकर ने बताया कि विस्थापित लोगों के तंबुओं पर लगातार हमले हो रहे हैं. इसमें गंभीर रूप से घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया है, जिन्हें खून की सख्त जरूरत है. लोगों को रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए.
उधर, इजरायली सेना का कहना है कि हमास लगातार रॉकेट दाग रहा है. सोमवार की देर रात मध्य गाजा के मघाजी क्षेत्र से इजरायल की ओर रॉकटे दागे गए, लेकिन उन्हें सीमा पार होने से पहले ही नष्ट कर दिया गया. इनमें से एक रॉकेट नुसेरात क्षेत्र में एक स्कूल में जा गिरा, जहां कई बच्चे मारे गए. देखा जाए तो हमास और इजरायल दोनों की तरफ से कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है. न ही सीजफायर की बात आगे बढ़ी है.
खान यूनिस पूरी तरह से खंडर में तब्दील हो चुका है. फिर यहां कई विस्थापित लौट आए थे. यहां की टूटी-फूटी इमारतों में रहने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इजरायल के नए आदेश के बाद इनको दोबारा वापस जाने को मजबूर होना पड़ रहा है. गाजा में कहीं भी कोई सुरक्षित नहीं है. करीब 23 लाख बेघर हो चुके हैं, जो गंभीर मानवीय संकट से जूझ रहे हैं. इजरायली हमले में अबतक 39 हज़ार से ज़्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं.
बताते चलें कि इस वक्त इजरायली सेना कई मोर्चों पर जंग लड़ रही है. गाजा में हमास, लेबनान में हिजबुल्लाह और यमन में हूती विद्रोहियों के साथ भीषण जंग जारी है. हर जगह आईडीएफ कहर बरपा रही है. बीते हफ्ते इजरायल ने पहली बार यमन में बड़ा हमला किया था. तेल अवीव पर हुए ड्रोन हमले के जवाब में इजरायली सेना ने हूती विद्रोहियों के ठिकानों को निशाना बनाया. होदैदा पोर्ट और पावर स्टेशन पर हवाई हमला किया था.
इसके बाद होदैदा पोर्ट पर भीषण आग लग गई. इसके जवाब में हूती विद्रोहियों ने भी इजरायल पर मिसालइ दागे, लेकिन आईडीएफ ने उन्हें हवा में ही मार गिराया था. इजरायल डिफेंस फोर्सेस के हमले में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 87 लोग घायल हो गए थे. इस हमले के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेन्ताहू ने चेतावनी दी थई कि जो भी उन्हें नुकसान पहुंचाएगा उसका अंजाम गाज़ा और लेबनान जैसा ही होगा.

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