
आज का इतिहासः डॉ. सुभाष चंद्रा ने 1992 में लॉन्च किया था भारत का पहला निजी सैटेलाइट चैनल ‘Zee TV’
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साल 1992 में आज यानी 2 अक्टूबर को एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा ने भारत का पहला सैटेलाइट टीवी चैनल लॉन्च किया था.
नई दिल्लीः साल 1992 में आज यानी 2 अक्टूबर को एस्सेल ग्रुप (Essel Group) के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा ( Dr Subhash Chandra) ने भारत का पहला सैटेलाइट टीवी चैनल लॉन्च किया था, जिसे आज दुनियाभर में जी टीवी के नाम से जाना जाता है. वह जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) के संस्थापक भी हैं, जो चैनल लॉन्च से कुछ महीने पहले 15 दिसंबर 1991 को अस्तित्व में आया था. It is a rather emotional moment for me as this precious institution completes 29 extraordinary years. I am extremely proud of the immense value ZEE has created for all its stakeholders over the years. It is the love you have showered upon us, that has enabled us to achieve these milestones! This journey has taught me that being challenged in life is inevitable, but being defeated is optional. Here's to many more successful years ahead!
सीईओ ने बताया भावनात्मक क्षण ZEE की 29वीं वर्षगांठ पर कंपनी के सीईओ पुनीत गोयनका ने ट्वीट किया, "यह मेरे लिए भावनात्मक क्षण है, क्योंकि यह कीमती संस्थान 29 असाधारण वर्ष पूरे कर रहा है. जी ने अपने सभी हितधारकों के लिए वर्षों से जो मूल्य सृजित किए हैं, उस पर मुझे बहुत गर्व है.”

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.

Rafale deal India: इंडियन एयरफोर्स की हवाई ताकत को बड़ा बूस्टर मिलने वाला है. ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय वायुसेना को दुनिया की सबसे घातक हवाई शक्ति बनाने की दिशा में इसी हफ्ते एक बहुत बड़ा फैसला लिया जा सकता है. भारत और फ्रांस के बीच होने वाली राफेल डील अब सिर्फ 114 विमानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह आंकड़ा 200 के पार जा सकता है.

Indian Army के 5 वॉर वेपन्स, जिससे थर-थर कांपती दुनिया; आखिरी वाला पाकिस्तान का कहलाता 'जानी' दुश्मन
Indian Army war weapons: भारतीय सेना की गिनती दुनिया की सबसे घातक सैन्य ताकतों में होती है. इसके पीछे की वजह लाखों में भर्ती जवानों की संख्या ही नहीं है, बल्कि उनके हाथों में मौजूद वे मॉडर्न हथियार भी हैं. जो दुश्मन की किसी भी हिमाकत का तुरंत जवाब देने के लिए काफी हैं. ऐसे में आइए इंडियन आर्मी के 5 वॉर वेपन्स के बारे में जानते हैं.

Fihgter jet War: ऑपरेशन सिंदूर में फाइटर जेट्स की जंग की असली तस्वीर दुनिया के सामने आ गई है.पाकिस्तान के इशारे पर फैलाया गया, विदेशी मीडिया का प्रोपेगैंडा फेल हो गया है. ओपन सोर्स इंटेल और ऑस्ट्रेलिया बेस्ड संगठन के मुताबिक, जंग में कम से कम पाकिस्तान के 6 से 9 विमान नष्ट हुए हैं. इसके अलावा हैंगर पर भारतीय हमले में भी फाइटर जेट नष्ट हुए हैं. ऐसे कुल संख्या करीब 19 पहुंच जाती है.






