
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस अंदाज में मनाई दिवाली, कमला हैरिस ने दिया ये संदेश
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अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने गुरुवार को दीवाली की शुभकामनाएं दी. बाइडेन ने ट्वीट किया कि, दिवाली की रोशनी हमें याद दिलाती है कि अंधकार से ज्ञान और सच्चाई है. विभाजन से एकता, निराशा से आशा है.
दिवाली के खास मौके पर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और अमेरिका की फर्स्ट लेडी जिल बाइडन ने शुभकामनाएं दी हैं. वो इस मौके पर दिवाली मनाते भी नजर आए. May the light of Diwali remind us that from darkness there is knowledge, wisdom, and truth. From division, unity. From despair, hope. To Hindus, Sikhs, Jains, and Buddhists celebrating in America and around the world — from the People’s House to yours, happy Diwali. pic.twitter.com/1ubBePGB4f Happy Diwali to everyone celebrating the festival of lights in the US&around the world. This yr #Diwali arrives with an even deeper meaning in midst of a devastating pandemic.The holiday reminds us of our nation's most sacred values: US VP Kamala Harris (Source: US VP's Twitter) pic.twitter.com/decXhfpcof Happy Diwali and Bandi Chhor Divas to everyone celebrating here in the UK and around the world!#Diwali pic.twitter.com/iJATgyxQII

स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के दावोस भाषण ने उस धारणा को तोड़ दिया कि वेस्टर्न ऑर्डर निष्पक्ष और नियमों पर चलने वाली है. कार्नी ने साफ इशारा किया कि अमेरिका अब वैश्विक व्यवस्था को संभालने वाली नहीं, बल्कि उसे बिगाड़ने वाली ताकत बन चुका है. ट्रंप के टैरिफ, धमकियों और दबाव की राजनीति के बीच मझोले देशों को उन्होंने सीधा संदेश दिया है- खुद को बदलो, नहीं तो बर्बाद हो जाओगे.

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वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दावोस शिखर सम्मेलन में मंगलवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसके संकेत दिए. उन्होंने दावोस शिखर सम्मेलन में कहा कि कुछ लोग इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहते हैं, ऐसा समझौता जो 2 अरब लोगों का बाजार बनाएगा और वैश्विक GDP के करीब एक-चौथाई का प्रतिनिधित्व करेगा.

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