
अमीर देशों के पुरुष क्यों गरीब देशों में खोज रहे जीवनसाथी? क्या है पासपोर्ट ब्रो कल्चर पर विवाद
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सोशल मीडिया पर आजकल पासपोर्ट-ब्रो कम्युनिटी पर बहस चल रही है. ये वो पुरुष हैं, जो अपने पश्चिमी पासपोर्ट की बदौलत गरीब देशों की लड़कियों से शादी कर रहे हैं ताकि वे पारंपरिक भूमिका निभा सकें, जैसे घर संभालना और परिवार बढ़ाना. ये कुछ-कुछ मेडिकल टूरिज्म की तरह ही है, जहां सस्ती लेकिन बेहतर सुविधा के लिए अमेरिका से लोग भारत या थाइलैंड चले जाएं.
आजकल सोशल मीडिया पर एक लहर है, फेमिनिज्म को कोसने की. पुरुष आरोप लगा रहे हैं कि महिलाएं बराबरी के फेर में महिला होना भूल चुकीं. यहां तक कि वे स्थाई रिश्ते से भाग रही हैं. पश्चिमी देशों में बराबरी का तूफान ज्यादा बड़ा है. ऐसे में बड़ी संख्या में पुरुष गरीब देशों की तरफ मुड़ रहे हैं ताकि वहां स्थाई पार्टनर खोज सकें. इस पूरे रिश्ते में उनका वेस्टर्न पासपोर्ट असल चीज है. यही वो चुंबक है, जिसके बूते वे महिलाओं से जुड़ रहे हैं.
साल 2010 के आसपास की बात है, जब अमीर देशों के युवा पुरुष, खासकर यूरोप, कनाडा, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के लोग जीवनसाथी चुनना मुश्किल पाने लगे. डेटिंग वेबसाइट्स तो ढेर की ढेर थीं लेकिन ज्यादातर महिलाएं टिकाऊ रिश्ते से दूर रहना चाहती थीं. ऐसे में घर बसाने की कोशिश कर रहे पुरुषों ने एक तोड़ निकाला. जैसे मेडिकल टूरिज्म के लिए लोग दूसरे देश जाते हैं, जहां कम कीमत पर अच्छी सुविधा मिल सके, वैसे ही वे गरीब देशों का रुख करने लगे. वहां जाकर घूमते-फिरते वे स्थानीय लड़कियों से मिलते और अगर दोनों एक-दूसरे को पसंद कर लें तो शादी हो जाती.
तुरंत ही कई कम्युनिटीज बन गईं, जो अपने जैसे लोगों को सलाह देने लगीं कि वे कहां जा सकते हैं. कई वेबसाइट्स हैं, जो बाकायदा लिस्ट करती हैं कि कौन से देश में क्या खूबी मिल सकेगी.
किन देशों में बन रहा समुदाय - अमेरिका में बहुत से मिडिल और अपर-मिडिल क्लास पुरुष मानते हैं कि शादी महंगी और कानूनी रूप से जोखिम भरी हो गई है. ऐसे में वे लॉयल साथी की तलाश में दूसरे देश जा रहे हैं. - कनाडा और ब्रिटेन में भी डेटिंग कल्चर और इकनॉमिक आजादी से पारंपरिक रिश्तों में बदलाव आया. यहां के पुरुष दक्षिण-पूर्व एशिया और पूर्वी यूरोप की ओर रुख करते हैं. - जर्मनी और स्कैंडिनेवियाई देशों में करियर बनाने की वजह से उम्र बढ़ती जा रही है. शादी और परिवार का कंसेप्ट कमजोर पड़ चुका. यहां के पुरुष पूर्वी यूरोप जैसे यूक्रेन, रोमानिया में पार्टनर ढूंढते हैं.
क्या हैं डेस्टिनेशन इसमें फिलीपींस, थाइलैंड, कोलंबिया, वियतनाम, मेक्सिको, अर्जेंटिना, सर्बिया, पेरू, ताइवान से लेकर दक्षिण कोरिया और चीन तक शामिल हैं.
हरेक देश के साथ प्लस-माइनस बताया जाता है. जैसे अर्जेंटिना में महिलाएं खूबसूरत और घर के काम में माहिर होंगी. लेकिन अंग्रेजी यहां उतनी कॉमन नहीं. तो अगर ट्रैवलर को स्पेनिश आए तो काम ज्यादा आसान हो जाएगा.

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