
अफगानिस्तान में 6.3 तीव्रता का जोरदार भूकंप, 60 घायल, 4 की मौत
AajTak
उत्तरी अफगानिस्तान में सोमवार तड़के 6.3 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसका केंद्र खोल्म के पास रहा. शुरुआती जानकारी के मुताबिक भूकंप में 60 से अधिक लोग घायल और 4 लोगों की मौत हुई है. यह झटका 28 किलोमीटर गहराई में दर्ज हुआ, जबकि जर्मन एजेंसी GFZ ने इसे हिंदूकुश क्षेत्र में 10 किलोमीटर गहराई पर महसूस होने की बात कही.
उत्तरी अफगानिस्तान में 6.3 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया है. अमेरिका की यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने यह जानकारी दी. शमसाद न्यूज के अनुसार, इस भूकंप में 60 से अधिक लोग घायल और 4 लोगों की मौत हुई है. भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के खोल्म के पश्चिम-दक्षिण पश्चिम में करीब 22 किलोमीटर दूर था और इसकी गहराई 28 किलोमीटर बताई गई.
एक दिन पहले भी आया था भूकंप यह भूकंप सोमवार तड़के 12:59 बजे (स्थानीय समय) आया. इससे पहले जर्मनी के जियोसाइंस रिसर्च सेंटर (GFZ) ने जानकारी दी कि हिंदूकुश क्षेत्र में 6.3 तीव्रता का भूकंप करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर महसूस हुआ. एक दिन पहले भी इसी इलाके में 4.9 तीव्रता का भूकंप आया था. यह शनिवार देर रात आया था, जिसकी जानकारी यूरोपीय मेडिटेरेनियन सिस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) ने दी थी.
भूकंप प्रभावित क्षेत्र रहा है अफगानिस्तान
अफगानिस्तान भूकंप प्रभावित क्षेत्र रहा है. 31 अगस्त 2025 को पाकिस्तान सीमा के पास पूर्वी अफगानिस्तान में आए 6.0 तीव्रता के भूकंप में 2,200 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. इससे पहले 7 अक्टूबर 2023 को आए 6.3 तीव्रता के भूकंप और उसके बाद आए झटकों में कम से कम 4,000 लोगों की जान चली गई थी, जिसकी पुष्टि तालिबान शासन ने की थी.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

कोलंबिया और वेनेज़ुएला की सीमा के पास एक जेट विमान अचानक लापता हो गया. यह विमान फ्लाइट नंबर NSE 8849 थी जो कुकुटा से ओकाना की ओर जा रही थी. इस विमान ने सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिंग से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. राडार से इस विमान का अचानक गायब होना चिंता का विषय है.

वेनेजुएला में मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब डॉनल्ड ट्रंप का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। कूटनीति के गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप के मुंह 'खून लग गया है' और अब उनकी नज़रें क्यूबा और ईरान पर टिक गई हैं... और अब वो कह रहे हैं- ये दिल मांगे मोर...। ट्रंप की रणनीति अब सिर्फ दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सीधे सत्ता परिवर्तन के खेल में उतर चुके हैं। क्या क्यूबा और ईरान ट्रंप की इस 'मोमेंटम' वाली कूटनीति का मुकाबला कर पाएंगे?









