
अपनी दाल नहीं गलती देख पत्नियों के सहारे 'संसद यात्रा'... बिहार के 4 बाहुबलियों ने सेट किया सियासी गेम!
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देश में आम चुनाव की घोषणा हो गई है. बिहार में सभी 40 सीटों पर सातों चरणों में मतदान होगा. यहां 19 अप्रैल, 26 अप्रैल, 7 मई, 13 मई, 20 मई, 25 मई, और 1 जून को वोट पड़ेंगे. बिहार के बाहुलियों ने भी अपने प्लान को जमीन पर उतार दिया है. आनंद मोहन, अवधेश मंडल, रमेश सिंह कुशवाहा, अशोक महतो ने अपनी पत्नियों को चुनाव में उतारा है.
बिहार की राजनीति में वर्षों से बाहुबल और बाहुबली का जोर देखने को मिला है. इसी कड़ी में एक बार फिर आगामी लोकसभा चुनाव में ऐसे कई बाहुबली नेता हैं जो खुद तो चुनाव नहीं लड़ सकते हैं, मगर लोकसभा किसी तरह से पहुंचने की इच्छा इतनी ज्यादा है कि अब अपनी पत्नियों के रास्ते नया प्लान बनाना चाह रहे हैं.
लोकसभा चुनाव में ऐसे कई बाहुबली नेता हैं जिन्होंने अपनी पत्नी को पार्टी का टिकट दिलवा दिया है और उन्हीं के रास्ते वह लोकसभा पहुंचाना चाह रहे हैं. चुनावी समर में यह दिखाने की कोशिश हो रही है कि इन बाहुबली नेताओं की पत्नी चुनावी मैदान में हैं, मगर असल में चुनाव वो खुद लड़ रहे हैं.
लवली आनंद (JDU)
पूर्व सांसद लवली आनंद बाहुबली नेता आनंद मोहन की पत्नी हैं, जिन्हें इस बार शिवहर लोकसभा सीट से जनता दल यूनाइटेड ने अपना प्रत्याशी बनाया है. आनंद मोहन खुद 1996 और 1998 में शिवहर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे.
आनंद मोहन पिछले साल अप्रैल में जेल से रिहा हुए थे, जब नीतीश कुमार सरकार ने जेल नियमावली में कुछ बदलाव किए थे जिसके बाद उनकी रिहाई संभव हो पाई थी. आनंद मोहन 1994 में गोपालगंज डीएम जी. कृष्णैया के हत्या के आरोप में 16 साल जेल की सजा काटने के बाद जेल से रिहा हुए थे. आनंद मोहन खुद चुनाव नहीं लड़ सकते हैं और इसी कारण से उन्होंने अपनी पत्नी लवली आनंद को जनता दल यूनाइटेड का टिकट दिलवा दिया है.

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